प्रयागराज में सपा नेता के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया टैंक फटा, छत गिरने से 15 मजदूर दबे; 4 मौत की हुई पुष्टि

प्रयागराज में सपा नेता के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया टैंक फटा, छत गिरने से 15 मजदूर दबे; 4 मौत की हुई पुष्ट

 

गंगापार में मलाक हरहर के पास लखनऊ रोड पर चंदापुर गांव के सामने स्थित सपा के पूर्व मंत्री अंसार अहमद के कोल्ड स्टोर में सोमवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया।

 

इस हादसे में अब तक दो लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। इनमें 32 वर्षीय ज्योतिष जो सहरसा बिहार का रहने वाला है और दूसरा 44 वर्षीय जगदीश प्रयागराज के फाफामऊ स्थित मलाका के चंदापुर गांव का रहने वाला है। हालांकि दावा 04 मौत का किया जा रहा है।

 

कई मजदूर झुलसे और घायल अवस्था में शहर के स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन)अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें अमरदीप सादा, बिहार का रंजीत, धर्मेंद्र आदि हैं।

 

अमोनिया गैस से भरे टैंक के फटने से कोल्ड स्टोरेज की छत गिर गई। इसमें 15 से अधिक मजदूर दब गए।खबर पाकर फायर कर्मियों समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।

 

हालांकि अमोनिया गैस के रिसाव के कारण कोई कोल्ड स्टोर के भीतर दाखिल नहीं हो पा रहा है। दबे मलवे से दो लोगों को बाहर निकाला गया, जिन्हें इलाज के लिए एंबुलेंस के जरिए भेजा गया।

 

लखनऊ रोड पर पूर्व मंत्री का है कोल्ड स्टोर

पूर्व मंत्री अंसार अहमद का लखनऊ रोड पर चांदपुर गांव के सामने आदर्श कोल्ड स्टोर है। सोमवार दोपहर कोल्ड स्टोरेज में आलू रखी जा रही थी। इसी बीच अचानक अमोनिया गैस से भरे टैंक में तेज विस्फोट हुआ।

 

धमाका इतना तेज था कि कोल्ड स्टोर की छत गिर गई। वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। धमाके की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े।

 

मलबे में दबे मजदूर बिहार प्रांत के रहने वाले

खबर पाकर पुलिस प्रशासन के अधिकारी और फायर कर्मी मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे मजदूर बिहार के सहरसा के रहने वाले बताए जाते हैं। अमोनिया गैस के रिसाव के कारण फायर कर्मी रेस्क्यू भी नहीं शुरू कर पा रहे हैं।

 

चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल

कोल्ड स्टोर में हादसे के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल था। अमोनिया से भरे टैंक के फटने के बाद दीवार ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूर दब गए। अन्य मजदूर शोर मचाते हुए बाहर भागे तो वहां आसपास के ग्रामीणों और राजमार्ग से जा रहे लोग भी रुक गए।

 

नाक और मुंह पर बांधे रुमाल-गमछा

अमोनिया टैंक में ब्लास्ट के बाद तेज दुर्गंध से दूर खड़े लोगों का भी सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। इससे बचने के लिए लोगों ने अपनी नाक और मुंह पर रुमाल और गमछा बांध लिया था ताकि गैस का असर उन्हें न हो।

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Author: aajtak24x7

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