*सीधी-सिंगरौली में कांग्रेस को मजबूत करने, वरिष्ठ नेता ज्ञानेंद्र द्विवेदी को जिम्मेदारी देने की उठी मांग
*प्रदेश कांग्रेस कमेटी में शामिल करने की उठ रही मांग*
*आशुतोष चतुर्वेदी की रिपोर्ट सिंगरौली*
सीधी-सिंगरौली। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ और जमीनी नेता ज्ञानेंद्र द्विवेदी को लेकर एक बार फिर संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई है। करीब 40 वर्षों से पार्टी की सेवा में सक्रिय द्विवेदी ने सिंगरौली ग्रामीण जिला अध्यक्ष सहित कई अहम जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के कारण उन्हें क्षेत्र में एक मजबूत और विश्वसनीय नेता के रूप में देखा जाता है।
ज्ञानेंद्र द्विवेदी अपनी साफ-सुथरी छवि, सादगीपूर्ण जीवनशैली और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि उनकी पकड़ केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि सभी वर्गों और समुदायों में मजबूत मानी जाती है। गांव-गांव तक उनकी पहुंच और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाता है।
सीधी-सिंगरौली क्षेत्र में उन्हें कांग्रेस का बड़ा ब्राह्मण चेहरा भी माना जाता है, जिन्होंने वर्षों तक पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम किया। संगठन के कठिन दौर में भी वे लगातार सक्रिय रहे और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी को अब ऐसे अनुभवी और जमीनी नेताओं को आगे लाने की जरूरत है, जो संगठन को फिर से मजबूती दे सकें।
इसी संदर्भ में अब कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच यह मांग जोर पकड़ रही है कि ज्ञानेंद्र द्विवेदी को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में शामिल कर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाए। उनका मानना है कि द्विवेदी के अनुभव, साफ छवि और व्यापक जनसंपर्क के चलते पार्टी को क्षेत्र में नई ऊर्जा और दिशा मिल सकती है।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि ऐसे समर्पित और ईमानदार नेता को उचित मंच दिया जाता है, तो कांग्रेस एक बार फिर सीधी-सिंगरौली में मजबूत स्थिति में आ सकती है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस मांग को कितना गंभीरता से लेता है और क्या आने वाले समय में ज्ञानेंद्र द्विवेदी को संगठन में फिर से अहम भूमिका मिलती है या नहीं।



