जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र ब्यक्तियों को मिले- विश्वामित्र पाठ
*आशुतोष चतुर्वेदी सिंगरौली, देवसर*
सिंगरौली,विधानसभा क्षेत्र सिहावल अंतर्गत पं. दीनदयाल प्रशिक्षण वर्ग 2026 एवं भारतीय जनता पार्टी स्थापना दिवस के तहत ग्राम पंचायतों मझिगवां-2, जुड़वार, बोंड़ी, बूढाडांड में “गांव चलो बस्ती चलो” अभियान श्री विश्वामित्र पाठक विधायक सिहावल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क एवं संवाद किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री विश्वामित्र पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिखाए गए अंत्योदय के सिद्धांत पर चलने वाली पार्टी है जिसमे अंतिम पंक्ति के ब्यक्ति के उत्थान एवं विकास पर केंद्रित योजनाएं संचालित हैं। प्रदेश एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से कोई पात्र ब्यक्ति बंचित ना रहे यह हम सब की जिम्मेदारी है। मुख्य अतिथि ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उपस्थित जन समुदाय से आह्वान किया कि आप सभी लोग योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार लाभ लें। उन्होंने वर्तमान में चल रहे संकल्प से समाधान, जलगंगा संवर्धन अभियान, स्वछता अभियान में बढ़ चढ़ कर सहभागिता की अपील की।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि नारी सशक्त होगी तभी देश मजबूत होगा, हमारी सरकार ने पंचायती राज ब्यवस्था में पूर्व से ही 50% स्थान आरक्षित किया है, अब हमारी पार्टी ने लोकसभा एवं विधानसभाओं में भी महिलाओं की भागीदारी एवं उनकी सशक्त उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के लिए ऐतिहाशिक कार्य करने जा रही है जिससे सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर रमेश द्विवेदी मण्डल अध्यक्ष, कमलेंद्र चतुर्वेदी, परशुराम तिवारी, मनिक राम पनिका, मंगलदीन बैस, बेचूलाल प्रजापति, सुखदेव सिंह बीईओ, संतोष कोल एसडीओ, राजेंद्र द्विवेदी बीपीओ, सीपी प्रजापति, नंदलाल सिंह, श्रीमती जगवासिया बैगा सरपंच बोंडी, दिलीप धर द्विवेदी सरपंच बूढाडांड, रामनाथ सिंह, विजय बहादुर बैगा, रावेंद्र तिवारी, विशेश्वर यादव, प्रताप सिंह, लालदेव सिंह, प्रेमलाल बैगा, मोतीलाल यादव सहित बड़ी संख्या में आत्मीय ग्रामीण जनों की उपस्थित रही।



