शहीद दिवंगत श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी पंडित की पुण्यतिथि पर मानवर में एक गरिमामय एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया 

राजू देवड़ा बालीपुर

 

स्थान मनावर

 

शहीद दिवंगत श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी पंडित की पुण्यतिथि पर मानवर में एक गरिमामय एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया

 

कर्तव्य पथ पर थमीं सांसें: ‘लेडी सिंघम’ प्रतिभा त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, साहस और सेवा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मानवर टोंकी(धार), 22 अप्रैल।

मध्यप्रदेश की जांबाज़ एवं कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी, “लेडी सिंघम” के नाम से विख्यात शहीद दिवंगत श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी पंडित की पुण्यतिथि पर मानवर में एक गरिमामय एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रीमती ऋतु शर्मा और प्रिया सोनीके नेतृत्व में महिला मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं ने सहभागिता कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रतिभा त्रिपाठी के जीवन को “साहस, संघर्ष और समर्पण की जीवंत गाथा” बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने अदम्य हौसले और दृढ़ इच्छाशक्ति से न केवल कठिनतम परिस्थितियों को परास्त किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल भी स्थापित की। निवाड़ी जिले के गुवावली ग्राम से निकलकर पुलिस सेवा के उच्च पद तक पहुँची प्रतिभा ने हर चुनौती को अवसर में बदला और समाज में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण निर्मित किया।

ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में पदस्थ रहते हुए उन्होंने अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर आमजन में निर्भयता का संचार किया। उनकी निर्भीक कार्यशैली के कारण ही उन्हें “लेडी सिंघम” के रूप में पहचान मिली। पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके विशेष लगाव का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि “एक परिवार–एक पौधा” अभियान के माध्यम से उन्होंने जनसहभागिता से व्यापक वृक्षारोपण का जनांदोलन खड़ा किया, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

उनके जीवन के संघर्षपूर्ण अध्याय को स्मरण करते हुए वक्ताओं ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान, गर्भावस्था जैसी जटिल अवस्था में संक्रमण, पारिवारिक विपत्तियों और गंभीर स्वास्थ्य संकटों के बीच भी उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। पोस्ट-कोविड जटिलताओं, पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारी, दृष्टि एवं अन्य शारीरिक समस्याओं से जूझते हुए भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने नवजात शिशु के साथ जीवन की नई शुरुआत की।

स्वास्थ्य चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर अगस्त 2023 में उन्होंने पुनः पुलिस सेवा में वापसी की और पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा शाखा) के पद पर पदस्थ होकर पूर्ण समर्पण के साथ दायित्वों का निर्वहन किया। विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के दौरान उन्हें मास्टर ट्रेनर एवं नोडल अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं, जिन्हें उन्होंने अत्यंत दक्षता से निभाया। साथ ही, वीवीआईपी ड्यूटी जैसे संवेदनशील दायित्वों का निर्वहन भी उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ किया।

वक्ताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कर्तव्य पालन हेतु कार्यालय जाते समय मार्ग में अचानक हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया। कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहते हुए दिया गया यह बलिदान उन्हें शहीद की श्रेणी में प्रतिष्ठित करता है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रतिभा त्रिपाठी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि हर उस महिला के साहस और आत्मबल का प्रतीक है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटती।

“हम रहें जब तक, हमारा हौसला ज़िंदा रहे” — इसी संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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Author: aajtak24x7

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