52 साल बाद सजेंगी यादें : बरेला स्कूल में 10 मई को होगा भूतपूर्व छात्र मिलन समारोü
बरेला। समय बदल गया, चेहरे बदल गए, जीवन की राहें अलग-अलग हो गईं, लेकिन स्कूल की यादें आज भी सभी के दिलों में वैसी ही ताजा हैं। इन्हीं सुनहरी यादों को फिर से जीवंत करने के उद्देश्य से हायर सेकेंडरी स्कूल बरेला में पहली बार भव्य भूतपूर्व छात्र मिलन समारोह का आयोजन 10 मई (रविवार) को किया जा रहा है। यह आयोजन बस स्टैंड स्थित पीएम श्री स्कूल के सभाकक्ष में आयोजित होगा, जिसमें वर्ष 1974 में मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र करीब 52 वर्षों बाद एक साथ मिलेंगे।
यह समारोह केवल पुराने साथियों की मुलाकात नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और अपने विद्यालय के प्रति सम्मान का एक ऐतिहासिक अवसर बनने जा रहा है। जिन गलियारों में कभी इन विद्यार्थियों की हंसी गूंजती थी, जिन कक्षाओं में बैठकर उन्होंने शिक्षा ग्रहण की थी, उन्हीं यादों को पुनः ताजा करने के लिए सभी पूर्व छात्र एक मंच पर एकत्रित होंगे।
भूतपूर्व छात्र महेश मानव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष आयोजन में विभिन्न शहरों एवं राज्यों में रह रहे पूर्व विद्यार्थी शामिल होंगे। वर्षों बाद अपने सहपाठियों और गुरुजनों से मिलने को लेकर सभी में विशेष उत्साह है। कई ऐसे साथी, जो दशकों से एक-दूसरे से नहीं मिल पाए थे, अब इस समारोह के माध्यम से फिर एक साथ नजर आएंगे।
कार्यक्रम में विद्यालय के तत्कालीन शिक्षकों का सम्मान भी किया जाएगा। पूर्व छात्र अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट करेंगे। आयोजन समिति का मानना है कि गुरु और शिष्य का यह पुनर्मिलन सभी के लिए भावुक और प्रेरणादायक क्षण होगा।
समारोह के दौरान पुराने दिनों से जुड़ी यादों को साझा किया जाएगा। छात्र जीवन के रोचक किस्से, विद्यालयीन गतिविधियां, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मित्रता की कहानियां फिर से जीवंत होंगी। आयोजन स्थल को भी आकर्षक रूप से सजाया जाएगा ताकि विद्यालय के पुराने वातावरण का एहसास हो सके।
आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। इससे यह संदेश जाएगा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि जीवनभर जुड़ी रहने वाली यादों और रिश्तों की नींव होता है।
भूतपूर्व छात्र मिलन समारोह को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और इसे बरेला के सामाजिक एवं शैक्षणिक इतिहास का एक यादगार आयोजन माना जा रहा है।



