न्यूज़ रिपोर्टर मोहित संघी
यह एक आरोप-आधारित मामला है, इसलिए पत्रकारिता के मानकों के अनुसार आरोपों को आरोप के रूप में प्रस्तुत करते हुए एक तीखी और प्रभावशाली न्यूज़ इस प्रकार बनाई जा सकती है
“बेटे की मौत नहीं, सुनियोजित हत्या हुई है” — परिवार का आरोप, पुलिस पर साक्ष्य दबाने और लापरवाही के गंभीर आरोप
साहिल पासी मौत मामला: एसपी कार्यालय पहुंचा परिवार और सामाजिक संगठन, हत्या का मामला दर्ज कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
जबलपुर। 20 वर्षीय साहिल पासी की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के पिता मुकेश पासी, मां निशा पासी, बहन अपूर्वा तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घमापुर एवं रांझी थाना पुलिस पर गंभीर लापरवाही, साक्ष्य छिपाने और मामले की निष्पक्ष जांच न करने के आरोप लगाए गए हैं।
परिवार का आरोप है कि 22 मई की रात लापता हुए साहिल पासी की गुमशुदगी रांझी थाने में दर्ज होने के बावजूद पुलिस उसे खोजने में विफल रही। वहीं 23 मई को शोभापुर रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात शव का गुमशुदगी रिपोर्ट से मिलान तक नहीं किया गया और बिना समुचित पहचान प्रक्रिया अपनाए शव को लावारिस घोषित कर दफना दिया गया।
परिजनों का कहना है कि यदि वे स्वयं लगातार थानों के चक्कर न लगाते तो उन्हें अपने बेटे की मौत की जानकारी तक नहीं मिलती। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शव की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की, डीएनए परीक्षण नहीं कराया और न ही आसपास के थानों को सूचना दी।
ज्ञापन में दावा किया गया है कि साहिल की मौत सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिवार ने प्रिया पासी, सुमायला और एक अज्ञात युवक पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया कि गुमशुदगी के दौरान इन लोगों द्वारा परिवार को धमकाया गया था। शिकायत के अनुसार एक युवक ने खुलेआम कहा था कि “एक फोन लगाऊंगा तो पुलिस भी कुछ नहीं कर पाएगी”, जिससे परिवार ने पुलिस संरक्षण और साजिश की आशंका जताई है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि आज तक मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच नहीं की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मर्ग पंचनामा और अन्य दस्तावेज भी परिवार को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की जांच सीआईडी अथवा एडीजी स्तर के अधिकारी से कराई जाए तथा प्रिया पासी, सुमायला और अज्ञात युवक के खिलाफ हत्या, साक्ष्य नष्ट करने, धमकी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर पूछताछ की जाए। साथ ही घमापुर थाना प्रभारी, रांझी थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी के विरुद्ध कर्तव्य में लापरवाही के लिए विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है।
परिवार ने मुख्यमंत्री पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 8 लाख रुपये की सहायता, डीएनए जांच, विसरा रिपोर्ट, मोबाइल फोन की बरामदगी तथा सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराने की मांग भी उठाई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जय महाकाल संघ अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया तिवारी, नीलू सोनकर, श्रीमती राधा तिवारी, संजय ढींगरा, आशीष विश्वकर्मा, सोनू सतनामी, दीपक सिंह राजपूत, माया सिंह ठाकुर, नीलू स्वामी, किरण ठाकुर, संदीप झारिया, ओमकार पटेल, विकास भारद्वाज, राजकुमार यादव, संदीप यादव, आलोक शुक्ला, अमन सोनी, विकास सराठे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
साहिल पासी की मौत को लेकर अब सामाजिक संगठनों और पासी समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए जांच का आश्वासन दिया है।



