मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से राममय होगा* 

लोकेशन/ सोनभद्र उत्तर प्रदेश

रिपोर्ट/ कन्हैयालाल केशरी

 

*मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से राममय होगा*

 

ओबरा नगर 9 से 15 जून तक राम मंदिर प्रांगण में सात दिवसीय श्रीराम कथा, समाज में संस्कार, समरसता और सदाचार का दिया जाएगा संदेश

 

 

पुरुषोत्तम माह के पावन अवसर पर ओबरा नगर स्थित राम मंदिर प्रांगण में आगामी 9 जून से 15 जून तक आयोजित होने वाली सात दिवसीय श्रीराम कथा को लेकर डिग्री कॉलेज रोड स्थित होटल मीन्स में नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों, धर्मप्रेमियों एवं श्रद्धालुओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कथा आयोजन को भव्य, अनुशासित एवं आध्यात्मिक गरिमा के अनुरूप संपन्न कराने हेतु विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान कथा स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के बैठने की सुविधा, अतिथि स्वागत, जजमान व्यवस्था, प्रसाद वितरण, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों सहित आयोजन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। सर्वसम्मति से आयोजन समिति का गठन करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

समिति के संरक्षक मंडल में एस.के. चौबे एडवोकेट, कपूर चंद पांडेय एडवोकेट, पुष्पराज पांडेय एडवोकेट, धुरंधर शर्मा, राजीव वैश्य, सुशील कुशवाहा एवं शिवनाथ जायसवाल को शामिल किया गया। वहीं प्रदीप अग्रहरि को अध्यक्ष, बृजेश पाण्डेय को कार्यवाहक अध्यक्ष, ताड़केश्वर केशरी को कोषाध्यक्ष तथा सुधाकर शुक्ला को सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया।

इसके अतिरिक्त मोहन लाल जैसवाल, आशीष तिवारी, नीलेश मिश्रा, सुनील सिंह, अनुज त्रिपाठी, राम निवास तोमर एवं राकेश मिश्रा सभासद सहित अन्य गणमान्य नागरिक आयोजन समिति में शामिल रहे।

आयोजन समिति ने बताया कि सात दिवसीय श्रीराम कथा का वाचन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक श्री दिलीप कृष्ण भारद्वाज के मुखारविंद से होगा। कथा के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, सत्य, त्याग, कर्तव्य, परिवार के प्रति सम्मान, समाज के प्रति उत्तरदायित्व एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा जन-जन तक पहुंचाई जाएगी।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जिस प्रकार समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास, पारिवारिक विघटन, आपसी कटुता एवं सामाजिक विषमताएं बढ़ रही हैं, ऐसे समय में भगवान श्रीराम का जीवन सम्पूर्ण समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है। प्रभु श्रीराम ने अपने जीवन के प्रत्येक चरण में मर्यादा, धैर्य, करुणा, न्याय और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। श्रीराम कथा के माध्यम से इन्हीं जीवन मूल्यों और आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जुड़ सके।

समिति के सदस्यों ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण हेतु उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। कथा अवधि के दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रहेगी, जिससे संपूर्ण नगर में भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण का संचार होगा।

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Author: aajtak24x7

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