ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान आरक्षक ने की आत्महत्या, दो नर्स सहित तीन आरोपी गिरफ्ता
मंडला। बम्हनी बंजर थाना परिसर में पदस्थ एक आरक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो स्टाफ नर्स और एक युवक शामिल है। पुलिस ने इनके विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक आरक्षक सुनील सरयाम (40) की पहचान वर्ष 2021 के कोविड काल के दौरान स्थानीय अस्पताल में कार्यरत दो स्टाफ नर्सों से हुई थी। इसी दौरान कुछ निजी एवं आपत्तिजनक तस्वीरें आरोपियों के पास पहुंच गई थीं। आरोप है कि इन तस्वीरों का उपयोग कर आरक्षक को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
जांच के अनुसार, आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था और एक आरोपी युवक द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी। लगातार हो रही ब्लैकमेलिंग और मानसिक तनाव के कारण आरक्षक गंभीर अवसाद में आ गया था।
गौरतलब है कि 8 जून को बम्हनी बंजर थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में आरक्षक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें कुछ लोगों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख किया गया था।
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि सुसाइड नोट, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य जांच तथ्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।


