*सोमवती अमावस्या एवं सूर्य संक्रांति का दुर्लभ संयोग*
*ओंकारेश्वर एवं मोरटक्का के खेड़ी घाट में 2 लाख के करीब श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी*
मिश्रीलाल कोहरे
ओंकारेश्वर/ खंडवा
ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी में सोमवती अमावस्या एवं सूर्य संक्रांति के संयोग से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा था ओंकारेश्वर में एक लाख से अधिक तो वही मोरटका के खेड़ी घाट में एक लाख के करीब श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सोमवती अमावस्या और संक्रांति की दुर्लभ सयोग के कारण स्नान दान का विशेषमहत्व होता है। भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर के दर्शन पूजन किया।
पंडित सुधीर अत्रे ने बताया कि सोमवार को सोमवतीअमावस्या एवं सूर्य संक्रांति से दुर्लभ संयोग बनने से
इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व बढ़ गया है इस दिन काश्य के पात्र अन्न, वस्त्र ,मालपुआ खीर दान करना पुण्यकारी माना गया है
तड़के सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालु भक्तों का स्नान दान जप तप का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जेपी चौक पर बैरिकेड के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित करने का प्रबंध किया गया था पुराना पुल मंदिर प्रांगण कोटि-तीर्थ घाट 6 मंजिला रैंप खचाखच भरा रहा इसके अलावा अन्य सभी घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान दान के किया
भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालु हर हर महादेव हर नर्मदे हर जय कारों से भक्तों का उत्साह कम नहीं हो रहा था।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन नगर परिषद एनडीआरएफ की टीमों ने मोर्चा संभाल रखा था।
ओंकारेश्वर में आने वाले एवं जाने वाले श्रद्धालुओंके लिए एक ही मार्ग होने के कारण जाम की स्थिति बनी रही
बता दें कि पिछले एक साल से अधिक समय से बनरहे फोरलेन रोड जो अभी भी पूर्ण नहीं हुआ रोड बनाने वाली कंपनी की केचुआ चाल की गति से रोड बनाने के कारण लोगों को काफी परेशानीओ का सामने करना पड़ता है।
मोर्तक्का के खेड़ी घाट में नर्मदा के दक्षिणी तट पर श्रद्धालुओं के लिए कोई सुविधा नहीं है
महिलाओं के लिए ना तो चेंजिंग रूम ना ही टॉयलेट की व्यवस्था है
पानी पीने के लिए एवं छांव के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी यहां घाट परलाइट की व्यवस्था नहीं है रात में श्रद्धालुओं को नर्मदा आरती पूजन अंधेरे में ही करना पड़ता है यहां पर प्रति अमावस्या एवं धार्मिक पर्वों पर श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके लिए ‘हिंदू महासभा भारत ‘के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहन सिंह राणा ने शासन प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि यहां पर अमावस्या पर यह स्थिति है तो सिंहस्थ2028 मैं क्या होगा। शासन को चाहिए कि यहां पर भी श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
बड़वाह से खेड़ी घाट तक इंदौर इच्छापुर हाईवे पर भारी यातायात (ट्राफिक )का दबाव रहा। ट्राफिक को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बड़वाह एसडीएम बड़वाह एसडीओपी रचना रावत थाना प्रभारी बलराम राठौड़ मुस्तेद रहे। नर्मदा घाट पर भी एनडीआरएफ की टीम पंचायत कर्मचारीएवं पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था
बड़वाह एसडीएम सत्यनारायण डरा ने बताया कि सोमवती अमावस्या एवं सूर्यसंक्रांति के सयोग के कारण श्रद्धालुओं की अधिकभीड़ उमड़ पड़ी जिसके कारण यातायात पर भारी दबाव रहा इसके लिए छोटे वाहनों को डाइवर्ट करके कटघड़ा गांव से होते हुए निकाला।
ओंकारेश्वर जाने वाले वाहनों को नर्मदा नहर के ब्रिज से डायवर्ट किया गया।
मिश्रीलाल कोहरे की खास रिपोर्ट



