*केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर में ₹5,200 करोड़ की विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
*कॉल सेंटर के दूसरे चरण में 2,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार, 40,000 वर्गफुट में बनेगा अत्याधुनिक कॉल सेंटर का केंद्र*
*बैठक में मंडल अध्यक्षों को भी मिली विकास कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर करेंगे मॉनिटरिंग*
*अशोकनगर/गुना/भोपाल- 17 जुलाई, 2026।* केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज अशोकनगर कलेक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता कर जिले में संचालित विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अशोकनगर जिले में लगभग ₹5,200 करोड़ की विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और आने वाले समय में इसका लाभ जिले के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचेगा।
*दिशा बैठक में पहली बार सभी जनप्रतिनिधियों को मिली निगरानी की जिम्मेदारी*
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि इस बार दिशा बैठक में केवल जनप्रतिनिधियों को जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि भाजपा जिला अध्यक्ष, सभी मंडल अध्यक्षों, विधायकों, जिला पंचायत सदस्यों सहित जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं तथा 360 डिग्री फीडबैक व्यवस्था के माध्यम से प्रत्येक परियोजना की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
*कॉल सेंटर का दूसरा चरण बनेगा युवाओं के लिए रोजगार का नया केंद्र*
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अशोकनगर में संचालित कॉल सेंटर के पहले चरण में 592 युवाओं को रोजगार मिला है। अब दूसरे चरण के तहत ₹6 करोड़ के निवेश से 40,000 वर्गफुट में 2,000 सीटों वाला अत्याधुनिक कॉल सेंटर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां कार्य करने वाले हजारों युवाओं को लगभग ₹30,000 प्रतिमाह तक रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने इसे “लखपति युवा योजना” बताते हुए कहा कि यह परियोजना जिले के युवाओं के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देगी।
*शहरी विकास, सिंचाई और स्वास्थ्य परियोजनाओं की हुई समीक्षा*
सिंधिया ने बताया कि अशोकनगर शहर के सौंदर्यीकरण एवं शहरी विकास के लिए लगभग ₹30 करोड़ की योजना निजी क्षेत्र की सीएसआर सहायता से क्रियान्वित की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजघाट सिंचाई परियोजना का लोकार्पण अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित है। चंदेरी माइक्रो इरिगेशन परियोजना के अंतर्गत लगभग ₹450 करोड़ की लागत से 121 गांवों को लाभ मिलेगा। परियोजना के परीक्षण और गुणवत्ता की निगरानी के लिए मंडल अध्यक्षों को गांव आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजना की तकनीकी स्वीकृति प्रक्रिया जारी है तथा जिले की पेयजल योजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
*स्वास्थ्य, सड़क और खेल अधोसंरचना को मिलेगी नई गति*
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि चंदेरी में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। 10 अगस्त तक भवन का अंतिम लेआउट तैयार होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। वहीं बरखेड़ी में 350 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल का कार्य अप्रैल 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। मेडिकल कॉलेज परियोजना की भी समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया में आ रही बाधाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कुरवाई–मुंगावली–चंदेरी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-346) एवं अन्य सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अशोकनगर बायपास की लगभग ₹118 करोड़ की परियोजना तथा ₹35 करोड़ की लागत से बन रहे बहुउद्देश्यीय खेल परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
*जनसुनवाई के आवेदनों का त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता*
प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में प्राप्त कई आवेदनों का 24 घंटे के भीतर समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि “आपकी सेवा ही हमारा धर्म है” और प्रशासन को इसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले की जनसुनवाई की नियमित मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल व्यवस्था भी विकसित की गई है, जिससे प्रत्येक आवेदन की प्रगति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
*आधुनिक शिक्षा और आत्मनिर्भर गांव की दिशा में एक और कदम*
तत्पश्चात केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय, सेमरी शाहाबाद में लगभग ₹23.58 लाख की लागत से पूर्ण हुए विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में स्थापित ₹1.5 लाख की लागत वाले आधुनिक डिजिटल बोर्ड तथा 5 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह केवल भवन का कायाकल्प नहीं, बल्कि ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और विद्यालय को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसी दौरान उन्होंने ग्राम में निर्मित नवीन चौपाल केंद्र का भी अवलोकन किया और कहा कि यह केंद्र ग्रामीणों के संवाद, जनभागीदारी और सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम बनकर गांव के विकास को नई गति देगा।


