नेपाल में जबलपुर की डॉ. अर्चना दुबे का गौरवपूर्ण सम्मान, अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया प्रदेश का मा
जबलपुर। नेपाल के प्रतिष्ठित राजर्षि जनक विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान जबलपुर की वरिष्ठ लाइब्रेरियन डॉ. अर्चना दुबे को शिक्षा, शोध तथा पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. दुबे वर्तमान में सेंट अलॉयसियस महाविद्यालय (स्वायत्त), जबलपुर में वरिष्ठ लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा, शोध सेवाओं, शोधार्थियों के मार्गदर्शन तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) आधारित आधुनिक पुस्तकालय सेवाओं के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके नवाचारपूर्ण कार्यों एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई। अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत उनके शोधपत्र को “बेस्ट पेपर अवॉर्ड (Best Paper Award)” से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षा एवं अकादमिक क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें “गीना देवी नेपाल गौरव सम्मान–2026” तथा “एरुडाइट एजुकेटर अवार्ड–2026” से भी अलंकृत किया गया। ये सम्मान अपराजिता फाउंडेशन, काठमांडू (नेपाल) एवं गुरु विद्यापीठ, रोहतक (हरियाणा) द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किए गए। डॉ. अर्चना दुबे की यह उपलब्धि केवल सेंट अलॉयसियस महाविद्यालय के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जबलपुर और मध्यप्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी इस सफलता ने प्रदेश के शिक्षा एवं पुस्तकालय विज्ञान क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उनके परिवारजनों, सहकर्मियों, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों तथा शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।


