,*नौडीहा में साइबर ठगों का नया तरीका: आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के फोन से कॉन्फ्रेंस कॉल कर 32,500 रुपये उड़ाए, पीड़ित ने कोतवाली में दी तहरीर।
*आज तक 24x7news सोनभद्र से विनोद कुमार की रिपोर्ट।*
*दुद्धी सोनभद्र।* दुद्धी कोतवाली क्षेत्र में साइबर ठगों ने मदद के नाम पर एक परिवार से 32,500 रुपये ठग लिए। ठगी का तरीका इतना शातिर था कि फोन आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के नंबर से आया और बातचीत भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर कराई गई। पीड़ित ने मामले की लिखित तहरीर दुद्धी कोतवाली में दी है।
कोतवाली में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, नौडीहा निवासी नितेश कुमार मिश्रा पुत्र दिनेश कुमार ने बताया कि 17 जुलाई 2026 को शाम करीब 4:06 बजे उनके मोबाइल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ती बीना देवी पत्नी नन्दू प्रसाद, निवासी लीलासी कला का फोन आया। बीना देवी नौडीहा आंगनबाड़ी केन्द्र पर कार्यरत हैं।
शिकायत में नितेश ने बताया कि फोन पर बीना देवी ने कहा कि “मैं आंगनबाड़ी से बोल रही हूं, तेल-दलिया मिलता है। आपकी पत्नी गर्भवती है, इसलिए जिले के डॉक्टर साहब से बात कर लीजिए।” इसके बाद बीना देवी ने अपने ही मोबाइल से कॉन्फ्रेंस कॉल जोड़कर एक व्यक्ति से बात कराई।
कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को जिला कार्यालय से बताया और कहा कि गर्भवती महिला की सहायता के लिए खाते में पैसा भेजा जाना है, इसके लिए बैंक डिटेल्स चाहिए। नितेश ने पहले अपनी पत्नी का बैंक विवरण दिया। जब बताया गया कि उस खाते में पैसे नहीं हैं, तो उसने अपने पिता का बैंक डिटेल्स दे दिया।
आरोप है कि डिटेल्स देते ही पिता के फोन पे नंबर 9621931091 से 32,500 रुपये कट गए। रकम कटने के बाद नितेश तुरंत आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के पास पहुंचे। इस पर बीना देवी ने कहा कि “मैं ऑनलाइन कमेंट्री कर रही थी और मेरा लिंक ब्लॉक हो गया।”
पीड़ित ने प्रार्थना पत्र में मांग की है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर साइबर फ्राड की जांच कराई जाए और उनके पिता के खाते से कटी हुई 32,500 रुपये की राशि वापस दिलाई जाए।
फिलहाल पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर जांच शुरू करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल नंबर, लेन-देन के विवरण और कॉन्फ्रेंस कॉल के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
*पुलिस की सलाह:*
अधिकारीयों ने लोगों से अपील की है कि सरकारी योजना, स्वास्थ्य सहायता या किसी भी सरकारी लाभ के नाम पर फोन पर बैंक डिटेल्स, OTP या UPI पिन साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने पर दें।


