*मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने पुलिस कंट्रोल रूम में ली विभागीय समीक्षा बैठक
🔴 *एससी/एसटी के अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी पर संतोष व्यक्त कर ग्वालियर पुलिस द्वारा की गई प्रभावी एवं संवेदनशील कार्यवाही की सराहना की।*
🔴 *एससी/एसटी एक्ट के लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण, अनुसूचित जाति बस्तियों में नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई एवं छात्रावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।*
🔴 *एससी/एसटी के लंबित प्रकरण, लंबित चालान, राहत राशि की भी समीक्षा की गई।*
ग्वालियर। 28.07.2026 । मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष माननीय डॉ. कैलाश जाटव द्वारा आज पुलिस कंट्रोल रूम सभागार, ग्वालियर में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित कर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित प्रकरणों सहित अन्य विभागीय विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक (अजाक) ग्वालियर रेंज श्री सतेंद्र सिंह तोमर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर डॉ. शिवेश सिंह बघेल, डीएसपी (अजाक) श्री विजय तोमर, सीएसपी इंदरगंज श्री रोबिन जैन, सीएसपी ग्वालियर कृष्णपाल सिंह, सीएसपी लश्कर श्रीमती किरण अहिरवार सहित जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारंभ में पुलिस अधीक्षक(अजाक) श्री सतेंद्र सिंह तोमर द्वारा मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात डॉ. जाटव ने बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक (अजाक) द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित लंबित प्रकरणों एवं उनकी वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
प्रस्तुतीकरण के उपरांत आयोग अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए एससी/एसटी के लंबित प्रकरण, लंबित चालान, राहत राशि की भी समीक्षा की और उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के पीड़ितों को त्वरित एवं प्रभावी न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष, संवेदनशील एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान आयोग के अध्यक्ष महोदय ने ग्वालियर जिले में एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत विगत तीन वर्षों के अपराधों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी पर संतोष व्यक्त किया तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) के दिशा निर्देशन में ग्वालियर पुलिस द्वारा की गई प्रभावी एवं संवेदनशील कार्यवाही की सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में एससी/एसटी एक्ट से संबंधित अधिकांश राहत प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित राहत प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग तथा जिन प्रकरणों में जाति प्रमाण-पत्र जारी न होने के कारण कार्रवाई लंबित है, उन मामलों में संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान आयोग अध्यक्ष ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में संचालित गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की सूची तैयार कर उनके संचालकों से नियमित समन्वय स्थापित करें, ताकि सामाजिक जागरूकता एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों में बेहतर सहयोग प्राप्त हो सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अनुसूचित जाति बस्तियों में नियमित रूप से भ्रमण कर वहां के निवासियों से संवाद स्थापित करें, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें तथा संबंधित विभागों के समन्वय से उनके त्वरित समाधान का प्रयास करें। साथ ही बस्तियों में शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
डॉ. जाटव ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की सूची तैयार कर वहां नियमित भ्रमण करने, छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित करने तथा उनकी सुरक्षा के समुचित एवं प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
बैठक के अंत में आयोग अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने सभी पुलिस अधिकारियों से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा, जनविश्वास को सुदृढ़ करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप संवेदनशील एवं उत्तरदायी पुलिसिंग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।


