गौ आधारित कृषि प्रणाली पर किसानों को दी आधुनिक तकनीकों की जानकार
खुर्जा। स्लीपवेल फाउंडेशन कौशल विकास केंद्र, ग्राम मीरपुर, खुर्जा, बुलंदशहर में शनिवार को “गौ आधारित समेकित बागवानी और कृषि प्रणाली” विषय पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में खुर्जा, अरनिया और चंडौस ब्लॉक क्षेत्र के आसपास के 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया।कार्यशाला का आयोजन स्लीपवेल फाउंडेशन कौशल विकास केंद्र, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा, नई दिल्ली तथा ग्राम विकास गतिविधि, ब्रज प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में IARI के वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन, कृषि एवं पशु अपशिष्ट के उचित उपयोग तथा वर्मी कंपोस्ट तकनीक की जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने किसानों को भूमि, मौसम और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार फसलों का चयन करने तथा कम लागत में बेहतर उत्पादन और आमदनी बढ़ाने के उपाय बताए। किसानों ने भी अपनी फसलों से जुड़ी समस्याओं पर विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर समाधान प्राप्त किए।कार्यशाला में IARI नई दिल्ली के वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. सिंघु, डॉ. बी.एस. तोमर और डॉ. (सुश्री) शिवानी ठाकुर ने किसानों को संबोधित किया। इसके साथ ही बुलंदशहर के जिला उद्यान अधिकारी भी कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्लीपवेल फाउंडेशन की प्रबंध न्यासी श्रीमती नमिता गौतम ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ अपने बच्चों को कौशल विकास से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने केंद्र में संचालित विभिन्न कौशल विकास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।कार्यक्रम के अंत में स्लीपवेल फाउंडेशन के सीएसआर प्रमुख विजय कुमार पांडेय एवं राकेश कुमार सिंह ने उपस्थित किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का आभार जताया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि एवं पशु अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीकों और अतिरिक्त आय के अवसरों से जोड़ना रहा।
दिलदार खान की रिपोर्ट



