पिछोर से विशेष संवाददाता मनमोहन सेन की रिपोर्ट
सर्वर की समस्या से हितग्राही परेशान न हो, पात्र परिवारों को मिलेगा एकमुश्त राश
अनियमितता करने वाली 22 दुकानों के विक्रेताओं पर कार्रवाई
शिवपुरी-खाद्य विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले की 687 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से 3,16,649 पात्र परिवारों को माह अगस्त एवं सितंबर 2026 का गेहूं व चावल एकमुश्त वितरित कराया जा रहा है।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।सर्वर या बायोमीट्रिक सत्यापन की तकनीकी समस्याओं के बावजूद सभी पात्र हितग्राहियों को राशन का वितरण नियमानुसार सुनिश्चित कराया जाएगा। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के परिपालन में शिवपुरी जिले में राशन वितरण में अनियमितता बरतने वाली 22 उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं के विरुद्ध कार्यवाही की गई है।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि विगत एक माह के दौरान की गई जांच के आधार पर अनियमितता करने वाले 22 दुकानों के विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। इनमें खरईडाबर, सड़ककरई, झिरी, महोबाडामरोन, बरेला, बक्सनपुर, भोडन, खनियाधाना (वार्ड 1 से 10), बनगवां, झूलना, दीगोध, चंदोरिया, लालपुर, देहरदासड़क, पनवारी, बामोरखुर्द, मांगरोल, आकोदा, रिजोदा, शिवपुरी नगर (वार्ड 14), गोपालपुर एवं कपराना की दुकानें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त खरैह, डेहरवारा, श्रीपुर चक्क तथा खिरिया दुकानों में शिकायतों की जांच के उपरांत दोषी विक्रेताओं को पद से पृथक कर संबंधित पुलिस थाने में धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि पीओएस मशीन पुरानी होने तथा बायोमीट्रिक पहचान आधारित प्रणाली के कारण पर्ची से राशन वितरण में आंशिक विलंब हुआ है, जिसे निरंतर सुधारा जा रहा है। यदि कोई उपभोक्ता पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाता है तो संबंधित दुकान से राशन प्राप्त करने की जिम्मेदारी उपभोक्ता की होगी। शासन की नीति के अनुसार गत माह का राशन वर्तमान माह में प्राप्त करने की सुविधा पीओएस मशीन में उपलब्ध नहीं है।
जिला आपूर्ति अधिकारी नेे जिले के सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में आकर किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या भ्रम में शामिल न हों। राशन वितरण से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के त्वरित निराकरण के लिए उपभोक्ता सर्वप्रथम संबंधित संस्था प्रबंधक, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी या अनुविभागीय अधिकारी से संपर्क करें। यदि वहां समस्या का समाधान नहीं होता है, तो जिला कार्यालय में संपर्क स्थापित करें



