*550 किमी की कठिन पदयात्रा: सुरसुरा राजस्थान से दिलावरा तक नंगे पाँव लाए तेजाजी की अखंड ज्योत*
*दिलावरा, धार (म.प्र.)।* श्रद्धा और आस्था की मिसाल पेश करते हुए ग्राम दिलावरा, जिला धार के 22 श्रद्धालुओं का जत्था राजस्थान के प्रसिद्ध सुरसुरा धाम से भगवान श्री तेजाजी महाराज की अखंड ज्योत (प्रज्वलित अग्नि) लेकर गाँव पहुँचा।
यह यात्रा अत्यंत कठिन रही। श्रद्धालुओं ने नंगे पैर लगातार 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा सिर्फ 8 दिनों में पूरी की। तेजाजी की अखंड ज्योत को पूरे रास्ते हाथ में बिना बुझे संभाले रखा गया।
उल्लेखनीय है कि *सुरसुरा धाम से अखंड ज्योत लाने की यह परंपरा पूरे मध्यप्रदेश में सर्वप्रथम ग्राम दिलावरा के भक्तों द्वारा ही शुरू की गई थी।* इसके बाद आज आस-पास के 50 से अधिक गाँवों द्वारा भी इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए तेजाजी की ज्योत लाई जाती है।
यात्रा के दौरान राजस्थान और मध्यप्रदेश के अनेक स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा यात्री दल का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया।
*अखंड ज्योत लाने वाले भक्तों के नाम इस प्रकार हैं -*
1. सुनील कामदार
2. पवन कुड़ी
3. प्रदीप पादवा
4. अभिषेक भादु
5. सुनील धोलिया
6. कैलाश पटेल
7. राजेश पटेल
8. अजय कामदार
9. विजेंद्र ठाकुर
10. अंकित चोटिया
11. नीलेश राठौड़
12. अमन मेला
13. शिवम कामदार
14. तेजस लांगर
15. लखन खोजा
16. भारत राठौड़
17. अशोक मूंदेल
18. सचिन जानी
19. प्रदीप गोलिया
20. सूरज खोजा
गाँव में पहुँचने पर समस्त ग्रामवासियों ने डीजे, ढोल और आतिशबाजी के साथ ज्योत का स्वागत किया। गाँव के तेजाजी महाराज के मंदिर पर अखंड ज्योत स्थापित की गई।



