रिपोर्टर-गोविन्द गिरी गोस्वामी
*ढीमरखेड़ा में जनसमस्याओं को लेकर फूटा कांग्रेस का गुस्सा; स्वास्थ्य, बिजली और जर्जर सड़कों को लेकर 15 दिन का अल्टीमेटम*
*ढीमरखेड़ा* ढीमरखेड़ा क्षेत्र में व्याप्त मूलभूत समस्याओं के निराकरण में प्रशासन की कथित विफलता को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ढीमरखेड़ा ने गहरा असंतोष व्यक्त किया है। कमेटी द्वारा हाल ही में महामहिम राज्यपाल और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को संबोधित ज्ञापन सौंपे गए, जिनमें क्षेत्रवासियों की सुध न लेने का आरोप लगाते हुए प्रशासन को 15 दिन की समय सीमा दी गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र जनआंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बढ़ती महंगाई जैसे शक्कर,पेट्रोल,तेल की एक दम से बढ़ी महगाई,क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को प्रमुखता से उठाया गया है। पार्टी का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढीमरखेड़ा में सुविधाओं का भारी अभाव है, जिससे ग्रामीणों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पा रही है। स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे स्थायी चिकित्सक की तैनाती और पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की मांग जोर-शोर से की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ, क्षेत्र की जर्जर सड़कों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। ज्ञापन में स्लीमनाबाद से ढीमरखेड़ा मार्ग और पुलिस थाना ढीमरखेड़ा के सामने की सड़क का जिक्र किया गया है, जो पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस मार्ग पर कई वर्षों से कोई सुधार कार्य नहीं हुआ है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं और आवागमन में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा, बिजली आपूर्ति की समस्या ने भी ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ज्ञापन में अघोषित कटौती पर रोक लगाने, पर्याप्त वोल्टेज सुनिश्चित करने और किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली प्रदान करने की मांग की गई है। साथ ही, किसानों को समय पर पर्याप्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग की गई है, ताकि उन्हें कृषि कार्यों में कोई परेशानी न हो।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंद मिश्रा के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण जनता में भारी आक्रोश है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर इन सभी लंबित समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता है, तो वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उग्र आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पार्टी ने इस संबंध में जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
इस अवसर पर रविन्द्र वाजपेई ,रवि अवस्थी,प्रकाश पटेल,शैलेंद्र पौराणिक,नीरज राय,भूरा पटेल,कमलेश रजक,रामखिलावन मिश्र,रवेंद्र परते, राममित्र शर्मा,सीताराम मिश्रा,प्रमोद पटेल एवं अन्य सदस्य बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे, जिन्होंने समस्याओं के समाधान न होने पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। अब देखना यह है कि प्रशासन कांग्रेस के इस अल्टीमेटम पर क्या कदम उठाता है।



