*करोड़ों का ओवरब्रिज बना ‘मौत का पुल’: बिना टेक्निकल टेस्ट उद्घाटन, NTPC के भारी वाहनों से धंसा; क्या बड़े हादसे का इंतजार कर रहे जिम्मेदार*
गाडरवारा। चीचली रेलवे फाटक के पास करोड़ों की लागत से बना नवनिर्मित ओवरब्रिज भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन चुका है। निर्माण के समय से ही विवादों में रहा यह पुल अब पूरी तरह खतरे की कगार पर है। नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) के भारी-भरकम वाहनों के लगातार गुजरने से इस पुल की सड़क धंस चुकी है, बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और मुख्य संरचना में खतरनाक दरारें आ गई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी पुख्ता तकनीकी परीक्षण (Technical Testing) के ही इस ओवरब्रिज को आनन-फानन में चालू कर दिया गया, जो अब हजारों जानों के लिए आफत बन गया है।
*📄 पूर्व विधायक सुनीता पटेल ने खोला था मोर्चा, पर हुआ ‘कागजी खेल* ‘
पुल के निर्माण में शुरू से ही बरती जा रही महा-लापरवाही को लेकर तत्कालीन कांग्रेस विधायक श्रीमती सुनीता पटेल ने गंभीर रुख अपनाते हुए शासन को कड़ा पत्र लिखा था। इस पत्र और जन-आक्रोश के दबाव में आकर प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में काम कर रही एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने या बदलने का ढोंग रचा। लेकिन असलियत यह रही कि केवल कागजों में नई कंपनी का नाम दर्ज हुआ, जबकि जमीनी स्तर पर उसी पुराने घटिया ठेकेदार से काम कराया गया। इसी आंख-मिचौली का नतीजा है कि आज यह ओवरब्रिज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
*🚛 NTPC के भारी वाहनों ने खोदी कब्र, ‘शॉर्टकट’ उद्घाटन से बढ़ी आफत*
IND 24 न्यूज चैनल ने अपनी स्पेशल रिपोर्ट में इस पुल के एक हिस्से के गिरने और घटिया कंक्रीट के इस्तेमाल को प्रमुखता से उजागर किया था। मगर जिम्मेदार ‘कमीशनखोरी’ के नशे में अंधे बने रहे। बिना किसी पुख्ता तकनीकी लोड टेस्ट (Technical Testing) या सुरक्षा मानकों की जांच किए इस पुल का लोकार्पण कर दिया गया। अब नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) के भारी-भरकम ओवरलोडेड वाहन इस पर से चौबीसों घंटे गुजर रहे हैं, जिसकी वजह से पुल के नट-बोल्ट ढीले पड़ चुके हैं, सड़क धंस गई है और खतरनाक दरारें आ चुकी हैं। *👉 नीचे से दौड़ती ट्रेनें, ऊपर ‘टैक्सपेयर्स’ के पैसों का तमाशा*
इस ओवरब्रिज के ठीक नीचे से भारतीय रेलवे का मुख्य ट्रैक गुजरता है, जहां से हर वक्त तेज रफ्तार यात्री और मालगाड़ियां निकलती हैं। अगर घटिया निर्माण के कारण यह ढांचा भरभराकर गिरा, तो जान-माल का इतना बड़ा नुकसान होगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। जनता का सीधा सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी रेल दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
*👉 कैबिनेट मंत्री राव उदयप्रताप सिंह से संज्ञान की उम्मीद*
गाडरवारा क्षेत्र के स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार के कद्दावर कैबिनेट मंत्री राव उदयप्रताप सिंह से क्षेत्र की जनता को अब बड़ी उम्मीदें हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मंत्री जी को इस मामले में तत्काल कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। जनता मांग कर रही है कि
💥:इस ओवरब्रिज के निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच (IIT या स्वतंत्र विंग से) कराई जाए।
💥बिना तकनीकी परीक्षण के पुल को हरी झंडी देने वाले लापरवाह अधिकारियों और दोषी ठेकेदार पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज हो।💥ओवरब्रिज पर भारी वाहनों (NTPC ट्रकों) की एंट्री तुरंत बैन की जाए, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।समय रहते अगर इस ‘टाइम बम’ बन चुके ओवरब्रिज की मरम्मत और जांच नहीं की गई, तो इसकी कीमत कई निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है।



