मेजर ध्यानचंद जयंती पर खिलाड़ियों को मिला राष्ट्रभक्ति और समर्पण का संदे
जबलपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में आज शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के खेल विभाग द्वारा महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जन्म जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा सक्सेना सहित वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं अधिकारियों द्वारा मेजर ध्यानचंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. प्रशांत सेलेट, डॉ. देवेंद्र देवलिया, डॉ. जया वाजपेई, डॉ. प्रतीक्षा गौर, डॉ. जी.आर.के. साहू, डॉ. रमेश शुक्ला वरिष्ठ क्रीड़ा अधिकारी एवं डॉ. प्रहलाद पटेल ने मेजर ध्यानचंद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में डॉ. रमेश शुक्ला ने मेजर ध्यानचंद जी के जीवन एवं खेल उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे हॉकी के महानतम खिलाड़ियों में से एक थे। उनके नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने लगातार तीन ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने मेजर ध्यानचंद जी की खेल प्रतिभा, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. शिखा सक्सेना ने छात्र-छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद जी के जीवन से हमें कठोर परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मेजर ध्यानचंद जी के देशप्रेम एवं राष्ट्रनिष्ठा से जुड़े प्रसंगों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि बर्लिन ओलंपिक के दौरान उन्हें आकर्षक पद और आर्थिक लाभ का प्रलोभन दिया गया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर देश के प्रति अपनी निष्ठा को सर्वोपरि रखा।
कार्यक्रम में डॉ. प्रतीक्षा गौर, डॉ. वर्षा अगलावे, डॉ. जी.आर.के. साहू सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कार्यालयीन कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रमेश शुक्ला ने किया, जबकि अंत में डॉ. प्रहलाद पटेल ने उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।



