*भील समाज के 100 से अधिक सरपंचों का सम्मान, धर्मशाला निर्माण पूरा कराने का लिया संकल्प
मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7 की खबर
ओंकारेश्वर नि प्र
भील समाज सेवा समिति धर्मशाला निर्माण समिति, ओंकारेश्वर के तत्वावधान में रविवार को धर्मशाला भवन में सरपंच एवं जनप्रतिनिधि सम्मान-अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में समाज के सरपंच एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान 100 से अधिक सरपंचों का शाल, श्रीफल एवं पुष्पमालाओं से सम्मान कर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अमर शहीद टंटिया मामा की प्रतिमा पर वरिष्ठ समाजसेवियों के कर-कमलों से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। समारोह में समाज सुधार को लेकर नशामुक्ति, शिक्षा एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाजबंधुओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ना और नशे की प्रवृत्ति से दूर रखना आवश्यक है।इस अवसर पर समाजबंधुओं ने पूर्व में अधूरे रह गए धर्मशाला निर्माण कार्य को पूर्ण कराने का सामूहिक संकल्प लिया। सर्वसम्मति से भील समाज संगठन के पूर्व अध्यक्ष गोपाल मोरे को धर्मशाला निर्माण समिति का अध्यक्ष घोषित किया गया। उपस्थित सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने हाथ उठाकर सहमति जताई तथा पुष्पमालाएं पहनाकर गोपाल मोरे को धर्मशाला निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी। प्रदेशभर से आए जनप्रतिनिधियों ने धर्मशाला निर्माण कार्य को पूर्ण कराने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
समारोह में आमंत्रित मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी देवेंद्र चौकसे, पत्रकार एवं समाजसेवी हेमंत जायसवाल तथा के.बी. मंसारे का भी शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला से सम्मान किया गया।कार्यक्रम में धर्मशाला निर्माण के लिए सरपंचों ने आर्थिक सहयोग की घोषणाएं भी कीं। 5,100 रुपये की सहयोग राशि की घोषणा करने वालों में तुलसीराम भासकरे, संतोष असलकर, रामेश्वर भासकरे, नानकराम पेंढारकर, राधेश्याम दांगोडे, भीम सिंह गोलकर, अंबालाल मोरे, संतोष मोरे, सेवकराम, राधेश्याम गोलकर, सालकराम, लखनलाल गोलकर, राकेश बोरयाले, जितेंद्र सलोने एवं कालूराम दांगोडे शामिल रहे।
वहीं 11,000 रुपये की सहयोग राशि की घोषणा राजू भारवे, सुकलाल धोपे, सूरजबाई दांगोडे, हेमेंद्र बारे, सेवकराम, रमेश जयसिंह सहित अन्य सरपंचों ने की। समाज के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि धर्मशाला केवल भवन नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता, सामाजिक गतिविधियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होगी। कार्यक्रम का संचालन परसराम भारवे एवं राधेश्याम साबले ने किया। जियालाल गोलकर, रघुनाथ पेंढारकर, पूनम भाई पंछाया, बनवारी, अशोक बारे (इंदौर), इसराम, शिवकरण, नानकराम, चंद्रकांत माहिले, गोलू माहिले, इंद्रजीत मोरे, चंदन मोरे, दीपक मोरे, अश्विन, कीर्तन एवं विष्णु मोरे सहित समाजजनों का आयोजन में सराहनीय सहयोग रहा।
समारोह के अंत में समाज की एकजुटता के साथ धर्मशाला निर्माण कार्य को पूर्ण कराने का संकल्प दोहराते हुए सभी अतिथियों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया गया।



