जिसके हाथ में हल है, वही देश का असली बल है — माननीय मंत्री श्री नारायन सिंह कुशवाह जी
दिनांक 02.09.2026 माननीय मंत्री श्री नारायन सिंह कुशवाह जी, कैबिनेट मंत्री, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग आज ग्वालियर के मेला ग्राउण्ड में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम भगवान श्री बलराम जयंती के अवसर पर बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम का भव्य आयोजन सहभागिता की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने तथा अगले ढाई वर्षों में प्रदेश के सिंचाई रकबे को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया। इस अवसर पर ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना के सरलीकरण, कृषक कवच योजना, 200 नए पैक्स कार्यालयों एवं अपेक्स बैंक की ग्वालियर संभागीय शाखा का शुभारंभ किया गया। साथ ही जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को आवश्यक सहयोग देने की घोषणा की गई।
किसानों एवं सहकारी संस्थाओं का सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला सहकारी बैंकों एवं प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को प्रमाण-पत्र एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए। जिला सहकारी बैंकों में खरगोन प्रथम, विदिशा द्वितीय एवं देवास तृतीय रहे।
विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के अंतर्गत किसानों को हितलाभ एवं आर्थिक सहायता वितरित की गई। दुग्ध सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम प्रदान किए गए तथा जैविक खेती, एफपीओ, उद्यानिकी एवं उन्नत पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐंदल सिंह कंषाना जी, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग जी, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला जी, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री जयभान सिंह पवैया जी, अपेक्स बैंक अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह यादव जी, सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह जी, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य जी, पूर्व सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि हमारी विरासत है, एग्री-टेक और एग्री-बिजनेस हमारा भविष्य है। किसानों की समृद्धि में ही मध्यप्रदेश की समृद्धि है।



