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कुर्सी पर नेता नहीं, दफ्तर में अधिकारी नहीं, बेहाल है जनता।

जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी समाचार

 

कुर्सी पर नेता नहीं, दफ्तर में अधिकारी नहीं, बेहाल है जनता

 

भाजपा शासित करैरा और नरवर

करैरा विधानसभा क्षेत्र की दो नगर परिषदें – करैरा और नरवर। दोनों जगह अध्यक्ष भाजपा के, दोनों जगह सत्ता भाजपा की, लेकिन दोनों जगह हालात भी एक जैसे

 

‘नगर की जनता बेहाल, सीएमओ लापता’।

 

एक तरफ करैरा में महिला पार्षदों को हाथ में ‘लापता’ का पोस्टर लेकर अधिकारियों को ढूंढना पड़ रहा है,

 

दूसरी तरफ ऐतिहासिक नगरी नरवर में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने दफ्तर से दूरी बनाकर परिषद को ‘वर्क फ्राम होम’ मोड पर डाल दिया है।

 

नतीजा, दोनों नगरों में सरकार की करोड़ों की योजनाएं कागजों में दौड़ रही हैं और जमीन पर जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।

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करैरा में फूटा पोस्टर-बम, महिला पार्षदों का हल्ला-बोल

करैरा नगर परिषद में गुरूवार दोपहर वह नजारा दिखा जो पहले कभी नहीं देखा गया। वार्डों में पानी, सफाई, सड़क और रोशनी की समस्या से घिरी महिला पार्षदों ने परिषद परिसर में ही “नगर की जनता बेहाल, सीएमओ एवं इंजीनियर लापता” के पोस्टर लेकर विरोध जताया। पार्षदों का आरोप है कि नालियां चोक हैं, नलों में पानी नहीं, स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, फाइलें महीनों से अटकी हैं, लेकिन सीएमओ और इंजीनियर कई दिनों से कुर्सी से गायब हैं और फोन तक नहीं उठाते। इंजीनियर के न होने से निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति और मापन अटका है, तो सीएमओ के न रहने से भुगतान और जनशिकायतों का निराकरण ठप है। महिला पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यह सिर्फ सांकेतिक विरोध था, यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो सदन से सड़क तक उग्र आंदोलन होगा।

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नरवर में ‘वर्क फ्राम होम’ वाली सियासत, बाबू चला रहे परिषद

ऐतिहासिक नगरी नरवर की नगर परिषद इन दिनों जनप्रतिनिधि विहीन सी हो गई है। जनता ने जिन्हें कुर्सी सौंपी, वे कुर्सी छोड़कर ‘वर्क फ्राम होम’ पर चले गए हैं। नतीजा, पूरी परिषद बाबुओं और उनके चहेते कर्मचारियों के भरोसे रामभरोसे चल रही है। इस प्रशासनिक शून्यता में केंद्र और राज्य सरकार की करोड़ों की कल्याणकारी योजनाएं जमीन पर उतरने की बजाय सिर्फ फाइलों में दौड़ रही हैं।

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नगर की जमीनी हकीकत कह रही बदहाली की कहानी

नरवर में कागजों पर सफाई के नाम पर लाखों का डीजल फुंका दिख रहा है, लेकिन वार्डों में कचरे के ढेर और सड़ांध है। बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग पेंशन के पात्र लोग दफ्तर के बाहर लाचार खड़े हैं, जबकि फाइलों में लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा है। आधे से ज्यादा वार्डों में स्ट्रीट लाइटें बंद हैं पर मेंटेनेंस रजिस्टर रोज भर रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास बेशकीमती शासकीय जमीन पर अवैध कालोनी काटी जा रही है, खाई, तालाब, नाले और मंदिर-मस्जिद की जमीनों तक पर पक्के अतिक्रमण हो गए हैं।

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ये बोले जिम्मेदार

-हफ्ते में नगर परिषद में चार दिन मैं बैठती हूं और तीन दिन मेरे पति बैठते हैं। वर्क फ्राम होम के आरोप निराधार हैं।

पदमा संदीप माहेश्वरी

अध्यक्ष, नरवर नप

-नगर परिषद में छह महीने से मीटिंग नहीं हुई है, मेरा स्वास्थ्य खराब रहता है इसलिए मैं नहीं बैठ पा रही हूं।

उषा बिरजेंद्र गुर्जर

उपाध्यक्ष, नरवर नप

 

-सीएमओ नहीं बैठता है, कहां-कहां अतिक्रमण चल रहे हैं और अवैध कालोनी काटी जा रही हैं, इस पर मैं सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगूंगा।

सौरभ गौड़

पीओ डूडा

 

-नगर परिषदों से सीएमओ नदारद हैं, इस संबंध में मैं दोनों सीएमओ से बात करता हूं। उन्हें अपने कर्तव्यों के निर्वहन के संबंध में हिदायत दी जाएगी।

अनुपम शर्मा

एसडीएम करैरा

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Author: aajtak24x7

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