*बाबा महाकाल की शाही सवारी में शामिल हुए केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया*
*सदियों पुरानी परंपरा के अनुरूप सिंधिया राजवंश के प्रतिनिधि के रूप में शाही सवारी में हुए शामिल*
*सिंधिया राजवंश ने की थी बाबा महाकाल ज्योतिर्लिंग की पुनः स्थापना*
उज्जैन। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज भगवान श्री महाकालेश्वर की शाही सवारी में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन एवं पूजन किया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी वे सिंधिया राजवंश के प्रतिनिधि के रूप में शाही सवारी में शामिल हुए और बाबा महाकाल से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
*500 वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन*
भाद्रपद माह के दूसरे सोमवार को निकलने वाली बाबा महाकाल की शाही सवारी की परंपरा 500 वर्षों से अधिक पुरानी मानी जाती है। इस परंपरा के समय से ही सिंधिया राजवंश के मुखिया एवं परिवार के सदस्य बाबा महाकाल की शाही सवारी में शामिल होते आए हैं। महाकाल मंदिर के पुजारी एवं सिंधिया राजवंश आज भी इस परंपरा को पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं।
*सिंधिया राजवंश का बाबा महाकाल से ऐतिहासिक संबंध*
इतिहास के अनुसार, सन 1235 में महाकालेश्वर मंदिर को दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद बाबा महाकाल ज्योतिर्लिंग को आक्रांताओं से सुरक्षित रखने के लिए लंबे समय तक सुरक्षित स्थान पर रखा गया था। वर्ष 1732 में श्रीमंत राणोजी राव सिंधिया ने उज्जैन में अपना शासन स्थापित करने के बाद बाबा महाकाल ज्योतिर्लिंग की पुनः स्थापना करवाई और महाकाल मंदिर का पुनर्निर्माण कराया।



