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मोदी सरकार के 12 वर्षों में महिला सशक्तिकरण को मिली नई गति: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया*

*मोदी सरकार के 12 वर्षों में महिला सशक्तिकरण को मिली नई गति: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया*

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज गुना के शुभ विदाई गार्डन में आयोजित हितग्राही कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लाभार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण को विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।

 

सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में महिलाओं को केंद्र में रखकर अनेक ऐसी योजनाएं और पहल की गई हैं, जिन्होंने महिलाओं के जीवन में सुविधा, सम्मान, स्वावलंबन और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाया है। उनका कहना था कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज की सोच में बदलाव का भी विषय है।

 

*महिला सशक्तिकरण घर से शुरू होता है: सिंधिया*

महिला सशक्तिकरण के सामाजिक पक्ष को रेखांकित करते हुए सिंधिया ने परिवार में महिलाओं और पुरुषों की बराबर भागीदारी की बात कही। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि घर में खाना बनाना केवल महिला की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए- सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को पुरुषों को खाना बनाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जबकि बाकी दिनों में भी घर के काम में महिलाओं के साथ बराबरी से सहयोग करना चाहिए।

 

*12 वर्षों में महिला-केंद्रित योजनाओं का विस्तार*

सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में महिलाओं के जीवन के अलग-अलग चरणों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।

 

प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से महिलाओं को घर के स्वामित्व से जोड़कर उन्हें संपत्ति में अधिकार और सामाजिक सुरक्षा दी गई है। सरकार का लक्ष्य है की 2029 तक 4 करोड़ और पीएम आवास बने। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने का काम किया है।

 

सिंधिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने के बाद देश की संसद में महिलाओं की भागीदारी 33% तक सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने इसे महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।

 

इस अवसर पर सिंधिया ने गुना की मंजू से भी संवाद किया। मंजू ने बताया कि वह जिज्जी की पंचायत के संचालन और सामाजिक गतिविधियों में अपनी भूमिका निभा रही हैं। इसी प्रकार बैंक सखी रेखा दीदी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुई हैं और लगभग एक लाख रुपये प्रतिवर्ष की आय अर्जित कर रही हैं। लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी रामरती ने भी अपनी प्रेरणादायी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने सिलाई मशीन खरीदने में किया और अब सिलाई का काम करके लगभग 8 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह कमाने में सक्षम हैं।

 

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में बोलते उनके नेता बोलते थे “बहन तिजोरी खाली है”। भाजपा की जनकल्याणलरी योजनाओं से आज सरकार बोल सकती है “बहन तिजोरी तुम्हारी है”।

 

कार्यक्रम में लाभार्थी महिलाओं की प्रेरक कहानियों को सुनते हुए मंत्री सिंधिया ने कहा कि सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता तब दिखाई देती है, जब किसी महिला के जीवन में बदलाव आता है और वह अपने पैरों पर खड़ी होकर अपने परिवार तथा समाज के लिए प्रेरणा बनती है।

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Author: aajtak24x7

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