

रिपोर्ट हारून खान कुरैशी
नईसराय :- नई सराय तहसील के अंतर्गत ग्राम खजुरिया में हनुमान मंदिर पर चल रही संगीत मय श्री राम कथा के छठवें दिन वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक हरिओम शास्त्री ने राम विवाह की कथा सुनाते हए कहा विश्वामित्र की यज्ञ की रक्षा करने के बाद अयोध्या नरेश राजा दशरथ के पुत्र भगवान राम और लक्ष्मण जनकपुर में सीता स्वयंवर देखने पहुंच जाते हैं गुरु की आज्ञा से राम और लक्ष्मण दोनों भाई पुष्प वाटिका में फूल चुनने के लिए जाते हैं जहां भगवान राम और गौरी पूजन करने आई माता सीता एक दूसरे को देखते हैं गौरी पूजन के दौरान माता सीता भगवान राम को वर रूप में मान लेती हैं दूसरे दिन धनुष यज्ञ में देश-विदेश के राजा एकत्रित होते हैं मंत्री राजा जनक की घोषणा को सुनाते हुए कहते हैं कि जो भी राजा भगवान शंकर के धनुष को तोड़ेगा माता सीता उसे वर रूप में वरण करेंगी घोषणा सुनकर देश विदेश के राजा अपनी समस्त शक्ति धनुष को तोड़ने के लिए लगा देते हैं लेकिन धनुष का खंडन तो दूर उसे तिल भर हिला भी नहीं पाते यह सुनकर भगवान राम के भाई लक्ष्मण को क्रोध आ जाता है इसी दौरान भगवान राम विश्वामित्र के आदेश का पालन करते हुए भगवान शंकर के धनुष का खंडन कर देते हैं और माता सीता भगवान राम को वरमाला पहना देती हैं धनुष यज्ञ और राम विवाह की बारात में श्रद्धालु जमकर नाचे यह कथा प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक की जा रही है कथा का आयोजन अशोक रघुवंशी नेताजी एवं महेंद्र रघुवंशी परिवार द्वारा कराई जा रही है बड़ी संख्या में शद्धालु श्री राम कथा सुनने के लिए पहुंच रहे हैं



