




सुलतानपुर। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सरवन में 12 वर्षीय किशन की आत्महत्या का मामला अब धीरे-धीरे नया मोड़ लेता नज़र आ रहा है। प्रारंभिक तौर पर परिजनों ने पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन अब क्षेत्रवासियों और मृतक की मौसी ने ही कुछ ऐसे संकेत दिए हैं, जिनसे घर के भीतर के हालात पर सवाल खड़े होने लगे हैं।ग्रामीणों और करीबी रिश्तेदारों का कहना है कि किशन अक्सर घर में डर और सहमाहट के माहौल में रहता था। छोटी-छोटी गलतियों पर उसे सख्त सज़ाओं का सामना करना पड़ता था, जिसके चलते बच्चा मानसिक रूप से परेशान भी रहता था।पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस घटना ने पूरे गाँव को झकझोर दिया, उसकी गहराई से पड़ताल करने की बजाय उसे केवल आत्महत्या करार देने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि प्रभाव और पैसों के दबाव में सच्चाई को दबाने का प्रयास हो रहा है।महिलाओं ने जताया आक्रोश घटना से आक्रोशित कई महिलाएँ थाने का घेराव करने पहुँचीं। हालांकि ग्राम प्रधान सरवन के हस्तक्षेप से उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेजा गया। लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को साफ तौर पर 24 घंटे का समय दिया है। उनका कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।ग्रामीणों की मांग
गाँव वालों की मांग है कि किशन की मौत की जांच उच्च स्तर पर कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक कारणों का पता चल सके। फिलहाल गाँव में इस घटना को लेकर गहरी गहमागहमी और नाराज़गी बनी हुई है।



