आशुतोष चतुर्वेदी की रिपोर्ट (सिगंरौली)
युवा समाज सेवी रितेश द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कहा की मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल बोर्ड द्वारा एक ही परीक्षा एजेंसी एडुक्विटी से पिछले कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कराई जा रही हैं उसी का नतीजा है कि परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगते रहते है कर्मचारी चयन मंडल बोर्ड का ऐसा कौन सा प्रेम है जो इतने आरोप लगने के बाद भी खत्म नहीं हो रहा है , वही सरकारें जब वन नेशन वन इलेक्शन की बात कर सकती है तो एक परीक्षा एक दिन एक पाली में क्यों नहीं हो सकती , हाल ही के दिनों में जारी हुए जेल प्रहरी परीक्षा में टॉपर को 100 में से 101 अंक प्रदान कर दिए गए जो नॉर्मलाइजेशन के तहत बताया जा रहा हैं ,यह धांधली का नया तरीका है सरकार से मांग है कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एवं परीक्षाओं को पारदर्शि बनाते हुए एक परीक्षा एक दिन और एक पाली में कराई जाए एवं नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया बंद की जाए।



