मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7 विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में दूर-दूर से बड़ी श्रद्धा आस्था के साथ आने वाले आम तीर्थयात्री प्रोटोकॉल के नाम पर तमाम शासकीय विभाग के अधिकारी और परिवारजनों की वजह से लगातार परेशान होते देखे जा सकते हैं।
ओंकारेश्वर मंदिर में प्रोटोकॉल के नाम पर आने वाले तमाम विभागों के अधिकारी और परिवारजनों का आंकड़ा दिनभर सैकड़ों की संख्या में होता है। जिसमें से ज्यादातर चलते चलते बनने वाले प्रोटोकॉल की संख्या ज्यादा होती है। जो मंदिर की व्यवस्थाओं को तो बिगाड़ते ही है साथ ही विवादों का कारण भी लगातार बनते हैं।
दिनभर में अधिकतर प्रोटोकॉल न्याय विभाग से जुड़े हुए लोगों के ज्यादातर होते हैं। जिसमें हर एक प्रोटोकॉल में लोगों की संख्या कई बार 20 से 25 लोगों तक भी होती है। इसके अलावा बचे कुछ प्रोटोकॉल तमाम अन्य शासकीय विभागों के होते हैं। जिनकी संख्या 100 से अधिक तक पहुंच जाती है। ओर ये सभी ज्यादातर निकासी द्वार से ही प्रवेश भी करते हैं।
जबकि नियमानुसार ये प्रोटोकॉल जिला कलेक्टर या पुलिस अधीक्षक खंडवा के द्वारा जारी किए जाते है।
नियमों की धज्जियां उड़ाकर विभाग के अधिकारी कर्मचारी इसका सीधा लाभ उठाते हैं और मंदिर की दर्शन व्यवस्थाओं को आए दिन बिगाड़ते हैं।
शासकीय विभाग के अधिकारी, कर्मचारी अपनी आईडी का दुरुपयोग करते हैं
शासन के अन्य विभाग के कर्मचारी अपने आईडी कार्ड या अपने प्रशासनिक दम पर मंदिर के कर्मचारियों को आईडी कार्ड दिखाकर दबाव बनाते हुए सीधे नो एंट्री से प्रवेश करते हैं। ओर जिससे मंदिर में अव्यवस्थाएं लगातार बढ़ती है।
निकाशी द्वार से जाने वाले लोगों की वजह से बिगड़ती है व्यवस्थाएं। श्रद्धालुओं को लंबे समय करना पड़ता है इंतजार
ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए आने वाले अनगिनत प्रोटोकॉल निकासी द्वार से प्रवेश करते हैं और घंटो लाइन में लगकर गर्भगृह तक पहुंचे श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार कराते हैं।
जिला कलेक्टर एवं एसपी की बगैर अनुमति के प्रोटोकॉल की संख्या ज्यादा होती है
ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर मंदिर में शीघ्र दर्शन का लाभ लेने वाले शासकीय विभाग के लोग बगैर जिला कलेक्टर एवं खंडवा एसपी की अनुमति या जानकारी के ही पहुंचते है।
शासकीय विभाग के कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दर्शन व्यवस्थाओं में बाधा बनते है। निकासी से सीधे प्रवेश करने की वजह से आम भक्तों को घंटो लाइनों में लगे ही रहते है। ओर कई बार तो बगैर दर्शन किए भी वापस लौट जाते है। ऐसे मामले दिनभर में कई बार होते है।
इन विभागों से दिन भर में पहुंचते है सैकड़ों प्रोटोकॉल
राजस्व विभाग, नगर परिषद, विद्युत विभाग, पुलिस विभाग,पीडब्ल्यूडी, एनव्हीडीए, आबकारी विभाग सहित तामम विभागों के अधिकारी परिवारजन आम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाते है।



