विदिशा
लोकेशन गंज बासौदा
महिलाओं ने वट की परिक्रमा कर की पति की लंबी आयु की कामना
अल सुबह 6 बजे से ही महिलाएं तैयार होकर वट की पूजा करने पहुंची।
एंकर / पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जिस प्रकार सावित्री के पति सत्यवान के प्राण यमराज ने वट वृक्ष के नीचे लोटा दिए थे। उसी प्रकार महिलाओं ने वट सावित्री अमावस्या पर वट की परिक्रमा, पूजा कर, ब्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु, सौभाग्य और आरोग्य की कामना की।
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को वट सावित्री व्रत करने की परंपरा होती है. इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और वट के पेड़ की पूजा भी करती हैं। बही मंदिर पर उपस्थित एस के तेंगुरीया ने बताया कि इस दिन महिलाएं वट की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु की कामना करती है।, बही, चींटी, बर्मुटा, जीव जंतु की उनकी सुरक्षा के लिए वट में, खीर पूड़ी घुंगरी, आटे के बड़ा आदि चड़ाए जाते है।
बाइट / एस के तेंगुरिया



