विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्राप्त/ लंबित ऋण आवेदन पत्रों का साप्ताहिक शिविर आयोजित कर करें निस्तारण जिससे बढ़े सी डी रेसियो।
औरैया 10 जून 2025– जिलाधिकारी डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में जिला स्तरीय सलाहकार समिति, जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं विशेष जिला सलाहकार समिति की त्रैमासिक मार्च 2025 की बैठक में जमा ऋण अनुपात पर चर्चा की । बैठक में जमा ऋण अनुपात मार्च 2025 समाप्त तिमाही में जिला का ऋण जमा अनुपात 44.61% रहा जो पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 के मार्च 2024 के तिमाही समाप्ति पर 42.65% था जो कि पिछली वित्तीय वर्ष की तुलना में 1.96% अधिक था। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन बैंकों का ऋण जमा अनुपात 40% से कम है उन सभी बैंकों को जून 2025 तक अपनी- अपनी बैंकों का ऋण जमा अनुपात कम से कम 40% करना सुनिश्चित करें एवं सभी बैंकों को यह भी निर्देश दिए कि वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मानक जो कि 60% है उसके अनुसार लक्ष्य प्राप्त करें। जिलाधिकारी ने बैंक ऑफ़ इंडिया की दिबियापुर शाखा के शाखा प्रबंधक पर कार्य को न करने, ऋण प्रस्तावों को लंबित रखने, कार्य में शिथिलता बरतने को लेकर उन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यकम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार,एक जनपद एक उत्पाद एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड,मुद्रा योजना, पशुपालन विभाग की योजनाओं एवं मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा की, साथ ही निर्देशित किया कि जिले के ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने के लिए प्रत्येक शुक्रवार को बैंकों द्वारा क्रेडिट कैंप का आयोजन विकास भवन पर किया जाना सुनिश्चित करें । बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक राजीव सिंह द्वारा वार्षिक ऋण योजना 2024-25 के बारे में बताया गया कि जिले की सभी बैंकों द्वारा वार्षिक लक्ष्य जो कि 1443 करोड़ था का 128 प्रतिशत लक्ष्य मार्च 2025 में प्राप्त किया गया है और मार्च 2025 तक लक्ष्य का 128% है ।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, रिजर्व बैंक के अधिकारी विशाल यादव , डी डी एम नाबार्ड अरुण कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक राजीव सिंह, डी सी एन आर एल एम, डीसी मनरेगा, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र, जिला उद्यान अधिकारी एवं सभी बैंकों के जिला समन्वयक आदि उपस्थित रहे ।



