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*मझौली, जबलपुर |*
जहां एक ओर मध्यप्रदेश सरकार ‘*मा के नाम एक पेड़*’ जैसे प्रेरणादायक अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर मझौली नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 11 में भाजपा पार्षद द्वारा हरे-भरे फलदार आम के पेड़ों की कटाई कराई जा रही है। यह घटना न केवल पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ठेस पहुँचाती है बल्कि सरकारी प्रयासों की भी अवहेलना मानी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर रोष है और लोग पूछ रहे हैं कि “जब जनप्रतिनिधि ही पर्यावरण के प्रति लापरवाह हैं, तो आम जनता से कैसे उम्मीद की जा सकती है?”
जनहित की माँगें:
* हरे पेड़ों की अवैध कटाई में शामिल सभी जिम्मेदार व्यक्तियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
* कटे गए प्रत्येक वृक्ष की भरपाई हेतु सार्वजनिक स्थल पर पौधारोपण करवाया जाए।
* ऐसे जनप्रतिनिधियों को पर्यावरणीय दायित्वों से वंचित किया जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,
पटवारी प्रतिवेदन अनुसार तहसीलदार मझौली द्वारा उक्त पार्षद के विरुद्ध मध्यप्रदेश भूमि संरक्षण अधिनियम की धारा 35(2) के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की गई है। यह धारा अवैध वृक्ष कटाई पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाती है।
बायड तहसीलदार वीर बहादुर सिंह धुर्वे मझौली
प्रमिल जैन की रिपोर्ट



