सिरोंज में पुनः होगा 100 बेड का अस्तपात, क्षेत्र वासियो को मिलेगा स्वास्थ्य सुविधाओ का लाभ – डॉ लता बानखेडे


भाजपा नेता मान सिंह रघुवंशी ने शासकीय अस्पताल की समस्या को लेकर सासंद को कराया अवगत
सांसद डॉ बानखेडे ने तत्काल कार्यवाही करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल से की चर्चा

सिरोंज। यदि विगत कुछ वर्षो पूर्व की बात कि जाए तो सिरोंज में स्थित शासकीय राजीव गांधी चिकित्सालय जिले का सबसे बडा 100 बेड का अस्पताल हुआ करता था। लेकिन सीधे सीधे समय बीतता गया और अब यह अस्पताल मात्र 60 बेड का हो कर रह गया। इसी के साथ अस्पताल में मरीजो को हर तरह की स्वास्थ्य सुविधाओ का लाभ न मिलने से मरीजो को उपचार के लिए या तो विदिशा जाना पडता है या फिर भोपाल। क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को देखते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता मान सिंह रघुवंशी ने क्षेत्रीय सांसद डॉ लता बानखेडे से मुलाकात कर शासकीय राजीव गांधी चिकित्सालय के हालातो के बारे में जानकारी दी। जिस पर सासंद डॉ लता बानखेडे ने तत्काल एक्शन लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से चर्चा की। सासंद की चर्चा के दौरान इस विषय को लेकर उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही सिरोंज में पुनः 100 बेड के अस्पताल करने की कार्यवाही की जाएगी। जिस पर सासंद डॉ लता बानखेडे ने कहा कि पुनः शासकीय राजीव गांधी चिकित्सालय को 100 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। जिससे शहरी एंव ग्रामीण क्षेत्रो के नागरिको को स्वास्थ्य सुविधाओ का लाभ मिल सकेगा। तो वही जिन मरीजो को उपचार के लिए विदिशा या भोपाल जाना पडता है उन्हें अब सिरोंज में ही उपचार मिल पाएगा। उन्होने कहा कि जो मशीने वर्षो से अस्पताल के कमरो में बंद है उन्हें जल्द ही चालू किया जाएगा और उनका लाभ क्षेत्र की जनता को मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि कुछ वर्षो पहले राजीव गांधी चिकित्सालय सिरोंज 100 बेड का अस्पताल हुआ करता था। साथ ही अस्पताल में विभिन्न जांचो के लिए मशीन भी उपलक्ष्य थी। लेकिन वह शासन के आदेश से 100 बेड के अस्पताल को 60 बेड का अस्पताल बना दिया गया और उक्त जांच मशीनो को विदिशा सहित अन्य जगह भेज दिया गया। उक्त मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता मान सिंह रघुवंशी ने क्षेत्रीय सासंद डॉ लता बानखेडे से मुलाकात कर शासकीय राजीव गांधी चिकित्सालय को पुनः 100 बेड का अस्पताल बनाने की बात कही। श्री रघुवंशी ने कहा कि सिविल अस्पताल में अनेको जांच न होने के कारण मरीजो को हजारो रूपये देकर प्राइवेट जांच कराना पडता है। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओ का लाभ न मिलने से आम नागरिक प्राइवेट अस्पतालो में जाने को मजबूर है। उन्होने कहा कि यदि शासकीय अस्पताल में विभिन्न जांचो की मशीने लगाई जाए जिससे क्षेत्र की जनता को उसका लाभ मिल सकें।

बामौरी शाला में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की मांग – सासंद डॉ लता वानखेडे ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल को ग्राम बामोरीशाला में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन सहित स्वीकृति हेतु अनुशंसा पत्र लिखते हुए संसदीय क्षेत्र 05 अंतर्गत ग्राम पंचायत बामोरीशाला की आबादी 5 हजार से अधिक है लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएँ न होने से ग्राम एवं क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्राम बामोरीशाला में विश्व प्रसिद्ध माता मंदिर करीला धाम के पास है, जहां रंगपंचमी पर आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में 4-5 लाख दर्शनार्थी आते है। इसलिए स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। ग्राम पंचायत में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन की स्वीकृति की जाए।

लाभ तो मिल रहा लेकिन आधा – वर्तमान समय में शासकीय राजीव गांधी चिकित्सालय में मरीजो को स्वास्थ्य सुविधाओं में मिलने वाले लाभ की यदि बात की जाए तो वह लाभ आधा ही मिल रहा है। अस्पताल में डॉक्टर तो उपस्थित होते है लेकिन जब भी कोई गंभीर बीमारी से पीडित मरीज उपचार के लिए शासकीय राजीव गांधी चिकित्सालय में डॉक्टर के पास पहुचता है तो डॉक्टर उक्त मरीज को कई जांच करने के लिए पर्चा लिखकर दे देते है। लेकिन अस्पताल में विभिन्न प्रकार की जांचो के लिए कई मशीने न होने के कारण मजूबरन मरीज के परिजनो को शहर में संचालित प्राईवेट जांच लेब पर जांच कराना पडता है। जब मरीज उक्त जांच रिर्पोट को लेकर डॉक्टर के पास पहुचता है। तो डॉक्टर मरीज का उपचार तो कर देते है और इतना ही नही उपचार होने के बाद भी जब मरीज को डॉक्टर जो दवाईया लिखते है उनमें से अधिकांश दवाईया अस्पताल में उपलब्ध्य नही होती। जिस कारण मरीज को वह दवाईया भी बाहर की मेडिकल स्टोरो पर से लेनी पडती है। जिससे उक्त मरीज को शासकीय राजीव गांधी चिकित्सालय में सिर्फ डॉक्टर का चैकअप ही फ्री मिल पाता है।

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Author: aajtak24x7

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