ओवरसीज हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप एवं स्कीम्स’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया

आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ

 

*ओवरसीज हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप एवं स्कीम्स’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गय ।*

 

 

औरैया –दिनांक 07 सितम्बर 2025 को तिलक महाविद्यालय, औरैया में ‘ओवरसीज हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप एवं स्कीम्स’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला संत रविदास एवं डॉ०बी०आर० अम्बेडकर धर्मशाला समिति औरैया, सोशल स्टडी फाउंडेशन तथा तिलक महाविद्यालय औरैया के तत्वाधान में संयुक्त रूप से आयोजित की गई। सोशल स्टडी फाउंडेशन नामक संस्था की स्थापना 2019 ई० में हुई। इसका मुख्यालय पुणे, महाराष्ट्र में है। यह संस्था पूरे देश में अनु० जाति / जनजाति के गरीब (जिनकी वार्षिक आय आठ लाख से कम है।) छात्र/ छात्राओं को विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु भारत सरकार द्वारा मिलने वाली छात्रवृत्ति के प्रति जागरूक करती है तथा इसे दिलाने में उनकी सहायता भी करती है। कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों (भगवान बुद्ध , बाबा साहेब अम्बेडकर,माता सावित्री वाई फुले) एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। मंचासीन सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान पंचशील पट्टिका पहनाकर और बैज लगाकर किया गया । कार्यशाला की सह-संयोजक डा० अनुपम बिरला द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात कार्यशाला के संयोजक प्रो० (डॉ०) अरविन्द सिंह द्वारा कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्य प्रस्तुत किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० (डॉ०) रविकुमार जी ने कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया तथा अपने अनुभवों को बताते हुए सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समिति के प्रचार मंत्री श्री संतोष कुमार ने समिति की कार्यशैली एवं उद्देश्यों पर चर्चा की।एसएसएफ के डायरेक्टर अविनाश मूल्ये द्वारा एसएसएफ की कार्यशैली की विस्तृत चर्चा की गई। तत्पश्चात हरी सोवानी जी द्वारा माइन्ड क्राफ्ट कम्पनी की miindknaft.comलिंक के माध्यम से एक बौद्धिक परीक्षा ली गई तथा बताया कि 2021 के एक रिसर्च से हमें पता चला है कि विदेश में पढ़ने के लिए भारतीय का स्थान द्वितीय है। प्रोफेसर, चन्द्र शेखर मालवी जी ने विदेश में पढ़ने के लिए आवेदन कैसे करें, प्रपोजल कैसे तैयार करें, विश्वविद्यालय का चुनाव कैसे करें, आदि की जानकारी पी.पी.टी. के माध्यम से दी। डॉ० शशि बाला मैम ने नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप के बारे में विस्तार से समझाया तथा बताया कि इसमें महिलाओं के लिए 30% सीटें आरक्षित होती है। महिला अभ्यर्थी न मिलने पर पुरुष अभ्यर्थियों का चयन कर लिया जाता है। सर एडवर्ड मेंहदे ने बताया कि भारत में कितने प्रकार की विदेश में पढ़ने हेतु छात्रवृत्तियां होती है। उन्हें प्राप्त करने की क्या योग्यता होनी चाहिए तथा उन्हें कैसे प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एन० आर० चौधरी ने की। महाविद्यालय की आइक्यूएसी के संयोजक प्रो० (डॉ०) सियाराम जी ने सभी प्रतिभागियों को छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया तथा महाविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर (डॉ०) प्रेमप्रकाश जी ने पूरे समय उपस्थित रहकर अपना सहयोग प्रदान किया, हिन्दी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं इग्नू के संयोजक डाॅ० राजेश कुमार जी ने मीडिया रिपोर्ट तैयार कर की । अन्त में श्री प्रेमनारायण दोहरे ने अपना अध्यक्षीय भाषण देते हुए कहा कि यह कार्यशाला गरीब मेधावी छात्र /छात्राओं के लिए एक सेतु के समान होगी तथा सभी का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। इस कार्यशाला में, श्री हरी राम कमल , श्री पंकज कुमार, उर्मिला गौतम, पंचशीला, देवेन्द्र कुमार, अनुज कुमार, सुनील कुमार, डा. जयंत प्रताप सिंह, अभिषेक कुमार, कैलाश मिश्रा, हरी सिंह, कमलेश कुमार, आदि ने अपना सहयोग प्रदान किया।

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Author: aajtak24x7

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