
अमरोहा।
गजरौला की फैक्ट्रियों से उठते ज़हरीले धुएं और किसानों की अनदेखी से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन (शंकर) अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। संपूर्ण समाधान दिवस पर अमरोहा के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 5 अक्टूबर तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 6 अक्टूबर सोमवार सुबह 11:30 बजे से अमरोहा कलेक्ट्रेट का विशाल घेराव और महापंचायत की जाएगी।
किसानों की प्रमुख मांगें
गन्ना मूल्य 518 रुपये प्रति क्विंटल घोषित हो।
अवशेष भुगतान पर 15% ब्याज दिया जाए।
लापरवाह चीनी मिलों पर दंडात्मक कार्रवाई हो।
ग्रामीण बैंक की मनमानी पर रोक लगे, केसीसी सब्सिडी लौटाई जाए और ₹5 लाख की नई लिमिट लागू की जाए।
बिजली निजीकरण, स्मार्ट मीटर और दरों की बढ़ोतरी पर रोक, गलत बिलिंग पर सख्त कार्रवाई।
अमरोहा विकास प्राधिकरण का गठन व भ्रष्टाचार पर लगाम।
गंगा धाम तिगरी से ब्रजघाट तक रिवर फ्रंट बनाकर पर्यटक स्थल घोषित किया जाए।
नौगांवा क्षेत्र में तेंदुए के हमलों से प्रभावित किसानों को मुआवजा और दर्ज मुकदमे वापस हों।
मध्य गंगा नहर फेस-2 बहजोई ब्रांच में तत्काल पानी छोड़ा जाए।
टूटी-फूटी सड़कों का मरम्मत कार्य हो।
नकली खाद और पेस्टिसाइड पर रोक व व्यापारियों पर कार्रवाई।
ग्रामीण अंचलों के लिए नियमित रोडवेज बस सेवा।
गुलडिया व हसनपुर तहसील में रजिस्ट्री व सीओ कार्यालय का निर्माण।
जिन गांवों में 70% किसान चकबंदी से सहमत न हों, वहां चकबंदी जबरन न कराई जाए।संगठन ने कहा कि यदि अधिकारी महापंचायत स्थल पर नहीं पहुंचे और मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं हुई, तो किसान आमरण अनशन, भूख-हड़ताल और बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।ज्ञापन देने वालों में चौधरी धर्मवीर सिंह, राकेश रतनपुर, राजकुमार, मोनू चौधरी, विक्रम पवार, जगत सिंह चौहान, चौधरी जयपाल सिंह, चौधरी प्रदीप कुमार, चौधरी नेमपाल सिंह, गजराम चौहान, संजय चौहान और नौबाहर चौहान शामिल रहे।
ब्यूरो चीफ जमशेद अली अमरोहा उत्तर


