
जबलपुर – शासकीय कन्या महाविद्यालय, रांझी मे अंतर-महाविद्यालयीन जूडो प्रतियोगिता का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि डॉ. शक्ति सिंह माण्डलोई (वरिष्ठ खेल अधिकारी) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. रमेश शुक्ला (खेल अधिकारी, जबलपुर) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या महोदया डॉ. वीणा वाजपेई द्वारा की गई। उन्होंने छात्राओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।इस प्रतियोगिता में कुल 11 महाविद्यालयों के खिलाड़ियों ने भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का संचालन महाविद्यालय के खेल विभाग के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में डॉ. ज्योति जुंगारे, डॉ. ज्योति जाट, डॉ. गुनवंत सिंह, डॉ. विजेन्द्र यादव, हरीश दुबे विशाल यादव मूर्ति दास यादव संजय कुमार रोहिला पिल्ले रनविजय सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल (Referees) के रूप में ज्ञान भूषण दुबे, सुहास सोनी,अशफाक, संदीप नाहर,अनुराग चौबे एवं रोहित कोष्टा ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं और प्रतियोगिता को निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ी निम्न रहे –
• मोहित कुमार (ए.पी.एन. कॉलेज),मोहम्मद शोएब, आयुष मिश्रा (सेंट एलोशियस कॉलेज), कृष्णा भूषण (श्रीराम कॉलेज), निसार आलम (नचिकेता कॉलेज), शुभम कुशवाहा (यू.टी.डी.), मानस तिवारी (महाकौशल कॉलेज),प्रीति पटेल (होम साइंस कॉलेज),आराधना राव,स्वीटी (श्रीराम कॉलेज), आशना अंजुम एवं नौशीन अंजुम (मनकुवरबाई कॉलेज),हर्षिता वंशकर (रांझी कॉलेज)
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. दीपेन्द्र यादव स्पोर्ट्स ऑफिसर ने सभी अतिथियों, निर्णायकों एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।पूरे कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण रहा। प्रतिभागी खिलाड़ियों ने अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल भावना का परिचय देते हुए यह सिद्ध किया कि खेल शिक्षा का एक अभिन्न अंग है। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक गण , डॉ उमेश कुमार दुबे, डॉ वीणा श्रीवास्तव, एवं जन भागीदारी जन भागीदारी शिक्षक डॉ. बीना शर्मा, डॉ.अंकिता पांडे , डॉ. नीलिमा राय, डॉ. सपना श्रीवास्तव एवं श्रीमती स्वाति मिश्रा की सहभागिता रही ।


