करवाचौथ का पर्व बड़ी ही धूम धाम एवं हर्षौल्लाश के साथ महिलाओं द्वारा मनाया गया।

रिपोर्ट
पवन कुमार श्रीवास्तव आज तक 24 X 7 न्यूज़ चैनल
जिला संवाददाता बस्ती

बस्ती शाम ठीक 5 बजे से नगर की महिलाएं सुंदर सुंदर परिधानों के सज धज कर 16 श्रृंगार कर मंदिर में पधारी, पूज्य पंडित जी द्वारा करवाचौथ की कथा का वर्णन किया गया कार्तिक माह की चतुर्थी को यह पर्व रखा जाता है। कथा में वर्णन आता है कि साथ भाइयों की लालड़ी बहिन को चंद्रोदय से पहले ही भूख सताने लगी।उसका मुरझाया हुआ चेहरा उसके भाइयों से देखा नहीं गया।अतः वह कुछ उपाय सोचने लगे।

उन्होंने अपनी बहिन से चंद्रोदय से पहले भोजन करने को कहा लेकिन वह नहीं मानी।उसने कहा कि जब तक चांद नहीं निकलेगा तब तक वह भोजन नहीं करेगी। लेकिन चंद्रोदय से पहले भोजन करने के कारण उसका पति मर गया। तब इंद्राणी ने कहा कि तुमने करवाचौथ के व्रत में चंद्रोदय से पूर्व ही अन्न जल ग्रहण कर लिया,इस कारण ही ऐसा हुआ है। अब यदि तुम मित्र पति की सेवा करते हुए 12 महीने तक प्रत्येक चौथ को यथा विधि व्रत करोगी फिर करवा चौथ को विधिवत गौरी,शिव, गणेश, कार्तिकेय सहित चंद्रमा का विद्वत पूजन करोगी और चंद्र उदय के बाद अर्ध दे कर अन्न जल ग्रहण करोगी तो तुम्हारे पति अवश्य जीवित हो उठेंगे ।

ब्राह्मण कन्या ने ठीक ऐसे ही किया उसने 12 माह की चौथ सहित विधिवत करवा चौथ का व्रत किया, व्रत के प्रभाव से उसका मृत्य पति जीवित हो गया। कहते हैं कि जो भी महिला करवा चौथ का व्रत विधि विधान से रखती है उसके पति को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है
रीता श्रीवास्तव, ललिता, शालू, नेहा, शिवानी,शीला, निरुपम।

सभी महिलाओं को करवाचौथ की बहुत बहुत बधाई दी। युगल जोड़ी सरकार जी की कृपा सदैव सब पर बनी रहे हैं

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Author: aajtak24x7

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