


#हर विपत्ति के समय जनता के साथ खड़े रहने का उनका भाव ही उनकी महानता दर्शाता है।
भिण्ड, ग्वालियर-चंबल की सियासत की जब भी बात होती है तब सिंधिया परिवार का जिक्र न हो ये असम्भव है, सिंधिया परिवार के इर्दगिर्द ही अंचल की राजनीति घूमती आई है।
इस विषय पर प्रकाश डालते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, सिंधिया परिवार के विश्वसनीय एवं नजदीकी वरिष्ठ नेता डॉ रमेश दुबे ने बताया कि सिंधिया परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी अपने जनसेवा के संकल्प को साकार करती आई है।
डॉ दुबे ने बताया कि हम जब युवावस्था में थे और अपने साथियों के साथ हर गलत का विरोध करते थे, तब एक बार रौन में आमसभा के दौरान कैलाशवासी श्रीमंत माधवराव सिंधिया जी की नजर मुझ पर पड़ी, तब उन्होंने मुझे महल बुलाया, जब हम महल पहुंचे तो महल की शोभा और विशालता देख ऐसा लगा जैसे किसी अलग लोक में आ गए हों, महल की विशालता देखकर मन मे आभास ये हुआ कि हम बहुत बड़े व्यक्तित्व से मिलने आये हैं तो मन मे सकुचाहट सी थी, लेकिन जैसे ही कैलाशवासी बड़े महाराज साहब आये और जिस गर्मजोशी से उन्होंने हमें अपनाया, लगा ही नहीं कि एक महाराज मिल रहे हैं, इतनी सरलता, इतना अपनत्व जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी, तब उन्होंने कहा कि रमेश तुम्हारे जैसे युवा की जगह राजनीति में है ताकि आम जनमानस का भला हो सके, इसके पश्चात उन्होंने मुझे राजनीति में पदार्पण कराया।
डॉ दुबे बताते हैं कि बड़े महाराज साहब ने तब के हम जैसे युवाओं को भरपूर मौके दिए और खूब सहयोग किया।
मेरे आग्रह पर बड़े महाराज साहब ने भिण्ड को टीवी रिले केंद्र दिया, खेल स्टेडियम दिया, केंद्रीय विद्यालय दिया एवं न जाने कितनी ही जनहितैषी योजनाओं को भिण्ड के लिए लाए, बड़ी ब्रॉडगेज रेलवे लाइन भी उनकी ही देन है।
डॉ दुबे बताते हैं बड़े महाराज साहब का जब असमय निधन हुआ तो मैं शून्यता में चला गया, लगातार 2-3 महीने तक एक प्रकार से अज्ञातवास सा जीवन जिया क्योंकि मेरी प्रेरणा, मेरे आदर्श बड़े महाराज साहब के जाने का सदमा बर्दाश्त से बाहर था, फिर धीरे धीरे छोटे महाराज साहब श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने राजनीति में कदम रखा और हम सभी को वही स्नेह और प्रेम दिया जो बड़े महाराज साहब देते थे।
डॉ दुबे ने बताया कि हमारा और सिंधिया परिवार का रिश्ता अब 3 पीढ़ियों का है, हमने भी बड़े महाराज साहब के कैलाश गमन के बाद भी सिंधिया परिवार के हर कदम पर साथ निभाने का वचन लिया था जिसे आज भी पूर्ण निष्ठा के साथ निभा रहा हूँ, विकास की जब जब बात आएगी लोग कैलाशवासी श्रीमन्त महाराज साहब को अवश्य याद करेंगे, सिंधिया परिवार की इस विकास गाथा को अब श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी आगे बढ़ा रहे हैं, उनका पल पल जनता को समर्पित है, उनके रोम रोम में जनता के प्रति असीम प्रेम भरा हुआ है, उन्हें सरलता, सादगी और जनता के प्रति अनन्य अगाध प्रेम का भाव विरासत में मिला है जिसका वो भलीभांति निर्वहन कर रहे हैं।
डॉ दुबे ने कहा कि आज हर युवा सिंधिया परिवार के साथ जुड़ा है और श्रीमंत महाराज साहब को अपना नेता मानता है, ये सिलसिला अनवरत युहीं चलता रहेगा, विकास की ये बहार कभी रुकने नहीं वाली।


