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9754278866 CM के निर्देश पर देवास की आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित निलंबित, 

लोकेशन देवास
आज तक 24 * 7
संवाददाता गणेश जायसवाल
9754278866

CM के निर्देश पर देवास की आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित निलंबित,

देवास
जिले में शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की सदिग्ध परिस्थितियों

में हुई आत्महत्या मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। मृतक का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री के आदेश पर विभाग ने निलंबन आदेश जारी कर उन्हें निलंबन अवधि में ग्वालियर मुख्यालय संबद्ध कर दिया है।8 नवंबर को डबलचौकी, चापड़ा और करनावद समूह के लाइसेंसी शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। प्रारंभिक जांच इंदौर के कनाडिया थाना

में चल रही थी इसी बीच उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित द्वारा उनसे हर महीने लगभग डेढ़ लाख रुपये की मांग की जा रही थी। आरोप है कि पाँच दुकानों से साढ़े सात लाख रुपये प्रतिमाह देने का दबाव बनाया जा रहा था और वे अब तक 2022 लाख रुपये दे चुके थे। उन्होंने कहा था कि निरंतर दबाव, माल रोके जाने और आर्थिक परेशानियों के चलते वे आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं।

मृतक पक्ष और अधिकारी के आरोप आमने-सामने

जहाँ मृतक के परिजन वसूली और धमकाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं मंदाकिनी दीक्षित ने 24 नवंबर को देवास एसपी को आवेदन देकर दावा किया कि मृतक के परिजन उनसे दो करोड़ रुपये की उगाही कर रहे हैं और उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है।

इससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

अधिकारी अब कोर्ट से स्टे लेने की तैयारी में

निलंबन के बावजूद मंदाकिनी दीक्षित का देवास से मोह कम नहीं हुआ है। सूत्रों की मानें तो वे न्यायालय से स्टे ऑर्डर लेने की तैयारी में

हैं। इसके लिए कानूनी सलाहक प्रारंभ कर दी गई है। यदि उन्हें स्टे तो पूरा मामला एक बार फिर से है। कनाडिया थाना प्रभारी सहर्षय कि वीडियो प्राप्त हो चुका है औ जांच सभी पहलुओं पर की जा रह देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच रही है, रिपोर्ट आने के बाद ही आगे होगी।

राजनीतिक हलकों में भी

मामला हाई प्रोफाइल होने के से लेकर शाररन स्तर तक हलच है। निलंबन के बाद भी अधिक जाने की तैयारी ने घटनाक्रम संवेदनशील बना दिया है। मृतक न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन मामले की अलग-अलग में जुटे हुए हैं।

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Author: aajtak24x7