लोकेशन बालाघाट
सौरभ ग्रामीण विकास शिक्षा एवं जन कल्याण समिति भोपाल द्वारा आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम सम्पन्
बालाघाट शहर की सांस्कृतिक संस्था नूतन कला निकेतन बालाघाट में सौरभ ग्रामीण विकास शिक्षा एवं जन कल्याण समिति भोपाल द्वारा आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम में “आंचलिक धरोहर” नृत्य दल द्वारा करमा शैला, सुआ, बिहाव ददरिया आदि नृत्यों की प्रस्तुति, की गई। नृत्य दल के मुखिया बरकत सिंह मेरावी एवं 18 साथियों ने इस मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी। संस्था द्वारा विलुप्त होती संस्कृति को सहेजने हेतु किये जा रहे प्रयासों में ये एक सार्थक कदम उठाया गया जिससे आने वाली पीढी हमारी संस्कृति से रू-ब-रू हो सके । साथ ही झाम सिंह एवं साथी कलाकार बाघाटोला के द्वारा लोक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। 18 लोगों के इस समूह ने जब अपनी प्रस्तुति आरंभ की तो उनकी पारंपरिक संस्कृति और सादगी ने लोगों का मन मोह लिया। उनके द्वारा किये जाने वाले बैगा एवं गोंड जनजाति की पारम्परिक घटनाओं पर आधारित गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति एवं नगाड़े की धुन पर पैरों का तालमेल देखने योग्य था । इसी क्रम में उनके द्वारा दी गई प्रस्तुति में मादर का बजना एवं देव पूजा की परंपरा, रीति रिवाजों को पूरी आत्मीयता से मानना एवं उसका सम्मान कैसे किया जाता है इसकी भी शानदार प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का स्थानीय दर्शकों ने ने भरपूर आनंद लिया । शेषमणि पाण्डेय स्मृति करमा नृत्य समारोह की तीसरी शाम याराना गेड़ी नृत्य समूह द्वारा सौरभ ग्रामीण विकास शिक्षा एवं जन कल्याण समिति के तत्वाधान में गेड़ी नृत्य, गेड़ी करमा एवं गेडी डांडिया नृत्य की प्रस्तुति दी गई। नगाड़े की थाप पर गेड़ी में चढ़कर कदम ताल कर संतुलन के साथ नृत्य करना जितना मुश्किल उतना ही रोमांचक था। छोटे-छोटे बच्चों ने जिस प्रकार गेड़ी में चढ़कर नृत्य किया उसे देखकर दर्शकों को अपनी विरासत संस्कृति एवं परंपरा पर गर्व का अनुभव हुआ विलुप्त होती संस्कृति को आज के छोटे बच्चों के द्वारा किया गया प्रदर्शन सराहनीय रहा। इन बालमन के कलाकारों में अपनी संस्कृति और परंपराओं को लेकर जो भाव नजर आया वह देखते ही बनता था ।
अशोक मोटवानी



