मैं संघ शताब्दी वर्ष बोल रहा हूं – मुकेश मोलवा

संदीप पाटीदार, जिला खरगोंन

मैं संघ शताब्दी वर्ष बोल रहा हूं – मुकेश मोलव

मंडलेश्वर।मोगावां, चिंदड़िया, उमियाधाम करोंदिया और छोटी खरगोन के संयुक्त संकल्प स्वरूप ग्राम छोटी खरगोन में संत सिंगाजी हिंदू सम्मेलन सार्थकता के संग साकार हुआ। भारत माता की आरती से प्रारंभ हुए इस भव्य आयोजन में अंचल की मातृ शक्ति, वरिष्ठजन और सैकड़ों युवा सम्मिलित हुए। सिंगाजी धाम से पधारे श्री रमेशजी महाराज ने सनातन धर्म की अखंड और अनुपम यात्रा पर प्रकाश डाला। बौद्धिक वक्ता श्री कमल शिंदे ने पंच परिवर्तन को आज सर्वाधिक प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि हमें सामाजिक समरसता और स्वदेशी के बोध संग आगे बढ़ना होगा। भारत माता को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाने हेतु हमें कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण एवं नागरिक कर्तव्य के भाव को जागृत करना होगा। संत श्री द्वारकादासजी बापू ने हिंदू समाज को सावधान करते हुए कहा कि अयोध्या के श्री राम मंदिर में तो प्राण प्रतिष्ठा हो गई है किन्तु हमारे हृदय में अभी भी सनातन के प्रति सम्मान और जागरण की प्रतिष्ठा बाकी है। आपने कहा कि व्यास गद्दी और राज गद्दी आज दोनों सनातन धर्म के संवर्धन हेतु सतत अग्रसर है किंतु हिंदू समाज को भी इस पावन यज्ञ में अपनी सेवा आहूति समर्पित करना होगी। इंदौर के ओजस्वी कवि मुकेश मोलवा ने अपनी राष्ट्रवादी कविताओं से उपस्थित जनसमुदाय को झकझोर दिया। उन्होंने संघ के सम्मान में पढ़ा- मैं केशव की गोदी में जन्मा, पला, बड़ा हुआ। माधव की उंगली पकड़कर खड़ा हुआ। बालासाहेब देवरस ने संस्कारों से सींचा है। प्रोफेसर रज्जू भैया ने अखंड भारत का चित्र खींचा है। श्री सुदर्शन ने शाखा में कर्मों की गीता गाई है। मोहनरावजी भागवत ने जन्मभूमि पर धर्म ध्वजा फहराई है। मैं नए भारत का उत्कर्ष बोल रहा हूं। सुनो भारत वालों में संघ शताब्दी वर्ष बोल रहा हूं। वहीं नीमच से आईं राष्ट्रवादी कवयित्री दीपशिखा रावल ने तालियों की लय संग भारत वंदना गाई- स्वतंत्र सिंधु सी मुखर, करूं मैं तेरी आरती। अखंड विश्व संपदा है वंदनीय भारती। आयोजन समिति ने सकल हिंदू समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।

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Author: aajtak24x7

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