- **सोनभद्र भाजपा में बगावत के सुर: जिला अध्यक्ष के खिलाफ लामबंद हुए वरिष्ठ कार्यकर्ता, प्रदेश नेतृत्व तक पहुँचेगा मामला**।
आज तक 24x7news सोनभद्र से विनोद कुमार की रिपोर्ट
**म्योरपुर (सोनभद्र)।** सोनभद्र भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही अंतर्कलह अब सड़कों और बैठकों के जरिए सार्वजनिक होने लगी है। जिला अध्यक्ष पर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी और उन्हें अपमानित करने का गंभीर आरोप लगाते हुए म्योरपुर स्थित सैनिक ढाबा पर कार्यकर्ताओं ने एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में जिला नेतृत्व के खिलाफ न केवल भारी नाराजगी दिखी, बल्कि उनके कार्यशैली की कड़ी निंदा भी की गई।
**वरिष्ठों का अपमान, संगठन पर भारी?**
बैठक में वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि संगठन को सींचने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जगह-जगह अपमानित किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिला अध्यक्ष का व्यवहार तानाशाही पूर्ण है, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं में भारी निराशा है। बैठक में मौजूद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर संगठन की मजबूती पर पड़ेगा।
**आर-पार की लड़ाई की तैयारी**
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अब यह मामला स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि लखनऊ और क्षेत्रीय मुख्यालय तक ले जाया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने निर्णय लिया है कि:
1. **शिकायती पत्र:** एक औपचारिक पत्र लिखकर प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्ष को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया जाएगा।
**अनुशासनात्मक मांग:** जिला अध्यक्ष के व्यवहार की जांच और कार्यकर्ताओं के सम्मान की रक्षा की मांग की जाएगी।
**दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाया वजन**
इस विरोध बैठक में क्षेत्र के कई प्रभावशाली चेहरे एक साथ नजर आए। मुख्य रूप से **सोना बच्चा अग्रहरि, पन्नालाल जायसवाल, अमरकेश सिंह, विष्णु कांत द्विवेदी, सत्येंद्र सिंह, और श्याम नारायण सिंह** जैसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर यह साफ कर दिया कि यह विरोध आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। इनके साथ ही प्रमोद दुबे, चिंतामणि दुबे, शतरूपा सिंह और वसंत देव पांडे समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी।
**न्यूज फ्लैश (सोशल मीडिया के लिए):**
🚩 **सोनभद्र बीजेपी में बड़ा धमाका!**
जिला अध्यक्ष के ‘तानाशाही’ व्यवहार से नाराज वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा। म्योरपुर में हुई गुप्त बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित। अब सीधे ‘प्रदेश हाईकमान’ के दरबार में लगेगी गुहार। क्या सोनभद्र में बदलेगा नेतृत्व?



