मेडिकल कॉलेज शहडोल में संभाग का सबसे बड़ा कॉलेज जिसे दान में तो गाड़ियां मिल गई मगर इसे चलाने के लिए ना ही उनके पास अधिकारी हैं ना पैसा है ड्राइवर की भर्ती तो कर लिए लेकिन उनसे आभा टैक्स में कार्य लिया जा रहा ह
टोकन बनाने का जिस अधिकारी से पूछो चाहे वह डिन हो साबिर सर नागेंद्र कर या एंबुलेंस इंचार्ज अधिकारी राहुल सर किसी के पास कोई भी जवाब नहीं है कि मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा कब दी जाएगी क्या मरीज मरता हूं तो मर जाए उनके पास डीजल के लिए पैसे ही नहीं है
Author: aajtak24x7
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