खरगोन;– बदलते दौर ओर आधुनिक युग मे जहाँ लोगो का मनोरंजन टी वी मोबाईल के माध्यम से हो रहा है उसी युग के दौर में जीवंत नाटक देखने के लिये छोटी ऊंन में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है।

खरगोन;– बदलते दौर ओर आधुनिक युग मे जहाँ लोगो का मनोरंजन टी वी मोबाईल के माध्यम से हो रहा है उसी युग के दौर में जीवंत नाटक देखने के लिये छोटी ऊंन में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है

बात कर रहे है हम जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर छोटी ऊन में आज भी रामलीला के मंचन को देखने के लिये रात होने का इंतजार करते है। बता दे कि गणगौर पर्व पर प्रति वर्ष रामलीला का मंचन होता है ओर यह प्रथा करीब 71 वर्ष से चली आ रही है एकादशी पर गणगौर माता की मुठ रखने से विसर्जन तक रामलीला का आयोजन होता है। परमपरा का निर्वहन करते हुए रामलीला मंडल के आयोजन में व्यवस्थापक कैलाश पुजारा व कालुराम सोलंकी ने बताया कि आजादी के बाद से ही नव युवक रामलीला मंडल द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है। जिसमें उनकी तीसरी पीढ़ी काम कर रही है। इन्होंने बताया की उस दौर में बिजली की भी व्यवस्था नही थी। जब से रामलीला का मंचन हो रहा है ग्यारह दिवसीय नाटक मंचन में सीताहरण से लेकर राम रावण का युद्व ताड़का वध ओर राम जी के राज्य अभिषेक का मंचन होता है। नवयुवक मण्डल ने बताया की। रामलीला की शुरूआत राम जी की आरती से होती है 11 दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामवासी व आसपास के ग्रामवासी रामलीला का आनन्द लेकर प्रभू श्री राम के आदर्शों को पूज रहे है।

*खरगोन ब्यूरो राजेश नागर की रिपोर्ट*

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Author: aajtak24x7

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