झूठी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 की तलाश जार
राहुल चौहान की मौत के मामले में इंगोरिया पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि राहुल की मौत किसी हमले में नहीं, बल्कि एक हादसे में हुई थी। इसके बावजूद मृतक के भाई और उसके साथियों ने चार लोगों को फंसाने के उद्देश्य से हत्या की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस के अनुसार 11 जून को राहुल चौहान अपने साथियों राजेश, ईश्वर, भूपेंद्र, भरत और सत्यनारायण के साथ बलेड़ी ठेके के पास शराब पीने के बाद तीन मोटरसाइकिलों से भूरालाल के खेत पहुंचे। वहां उन्होंने टापरी और ट्यूबवेल में तोड़फोड़ की। इसी दौरान बिजली का पोल तोड़ने की कोशिश में वह राहुल के सिर पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के भाई शिवनारायण उर्फ शिवा ने पुलिस को गुमराह करते हुए भूरालाल, रोहित, दीपक और विशाल पर फरसी और लकड़ी से हमला कर हत्या करने का आरोप लगाया था। लेकिन घटनास्थल से ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले, जिससे पुलिस को संदेह हुआ।
गहन जांच, मुखबिरों से मिली सूचना और राहुल के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद पूरी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने 2 जुलाई को भरत, राजेश और ईश्वर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि भूपेंद्र और सत्यनारायण अभी फरार हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को बड़नगर न्यायालय में पेश किया गया।
यह कार्रवाई एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देशन में एडिशनल एसपी करणदीप सिंह, एसडीओपी महेंद्र सिंह परमार और थाना प्रभारी दीपेश व्यास के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लोकेशन इंगोरिया
मांगीलाल सोलंकी
जिला संवाददाता उज्जैन
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